उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी माहौल गरमाने लगा है और इसी बीच अखिलेश यादव जेन-जी पोस्टर चर्चा का विषय बन गया है। बीते कुछ दिनों से चुनावी प्रयोगशाला कही जाने वाली पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जमीन पर सभी राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी है, और अब समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर लगे पोस्टर ने सबका ध्यान खींच लिया है।
लखनऊ में लगा बड़ा पोस्टर
गुरुवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की विशाल तस्वीर नजर आ रही है। पोस्टर पर लिखा है- ‘जेन-जी का जनादेश बदलेगा उत्तर प्रदेश।’ यह पोस्टर सामने आते ही प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई। जानकारी के मुताबिक इसे सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े केशव प्रसाद रावत ने लगवाया है।
छात्रसभा की नई ड्रेस से मिला संकेत
यह पोस्टर ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही अखिलेश यादव ने पार्टी की फ्रंटल विंग समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों और सदस्यों के लिए नई वेशभूषा लॉन्च की थी। इस दौरान कार्यकर्ता नीली टीशर्ट, नीली जींस और लाल टोपी में नजर आए थे। इस बदलाव के जरिये पार्टी ने यह संकेत दिया था कि अब उसका फोकस युवा और नई पीढ़ी के मतदाताओं पर है।
अखिलेश यादव बोले- नई पीढ़ी की नई सोच
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कहा था कि नीला रंग केवल बहुजन समाज का प्रतीक नहीं बल्कि एक विचारधारा भी है। उन्होंने कहा कि हर नई पीढ़ी की अपनी सोच होती है और पार्टी अब युवाओं तथा छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करने की तैयारी में है।
दो सप्ताह का छात्र जागरूकता अभियान
अखिलेश यादव ने बताया था कि पार्टी जल्द ही दो सप्ताह तक चलने वाला विशेष छात्र जागरूकता अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता कॉलेज, विश्वविद्यालय और हॉस्टलों में जाकर विद्यार्थियों से सीधी बातचीत करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनके विचार जानने की कोशिश करेंगे।
सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह पोस्टर और छात्रसभा को लेकर उठाए जा रहे कदम समाजवादी पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत पार्टी युवा और जेन-जी मतदाताओं को अपने पाले में लाना चाहती है। आने वाले दिनों में पार्टी की गतिविधियों से यह स्पष्ट होगा कि यह रणनीति प्रदेश की राजनीति में कितना असर डालती है।
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