राजधानी दिल्ली इन दिनों 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी को लेकर पूरी तरह तैयार है। आज से 13 सितंबर तक शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव लागू कर दिए गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह ही दिल्ली पहुंच चुके हैं और तीन दिवसीय दौरे पर हैं। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात वर्षों के बाद पहली बार भारत की धरती पर कदम रख रहे हैं। मुख्य सम्मेलन 13 और 14 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा, जबकि आज राजधानी के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
समिट को देखते हुए दिल्ली में करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की 200 से अधिक टुकड़ियां और 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, पूरा शहर बंद नहीं रहेगा, लेकिन वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए रास्तों को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
किन रास्तों पर पड़ेगा असर
मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग सहित करीब 35 प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित रहेगा। नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से एयरपोर्ट के बीच सफर करने वालों को खासतौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हर दिन औसतन 70 से 80 हाई सिक्योरिटी मूवमेंट होने की संभावना है, जिसके लिए करीब 4800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी और बस, ऑटो व टैक्सी भी चलते रहेंगे, हालांकि कुछ मार्गों में बदलाव संभव है। यूपीएससी और एनडीए परीक्षार्थियों के साथ-साथ अस्पताल जाने वाले लोगों को समय से पहले घर से निकलने की सलाह दी गई है, जबकि मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत ट्रैफिक पुलिस को सूचित करने को कहा गया है।
आज होगी मोदी-पुतिन मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आज दोपहर मुलाकात प्रस्तावित है, जिसमें रक्षा, ऊर्जा और परमाणु सहयोग जैसे अहम विषयों पर बातचीत होगी। इसके अलावा पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। शनिवार शाम शी जिनपिंग और मोदी की मुलाकात होनी है, जिसमें सीमा विवाद और द्विपक्षीय व्यापार जैसे संवेदनशील मुद्दे उठ सकते हैं।
कई देशों के नेता होंगे शामिल
इस सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और इथियोपिया समेत कई देशों के शीर्ष नेता तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी हिस्सा लेंगे। समिट के अंत में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन जारी किए जाने की उम्मीद है, जो वैश्विक सहयोग और साझेदारी की दिशा तय कर सकता है।
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