गाजियाबाद नर्स रेप केस में राजनगर एक्सटेंशन इलाके की एक 35 वर्षीय नर्स ने युवक पर दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि घटना के बाद पुलिस को शिकायत देने और मेडिकल जांच कराए जाने के बावजूद करीब डेढ़ महीने से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। महिला ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की ह
कार में जबरन ले जाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 25 अगस्त को वह राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान मोरटा इलाके का रहने वाला एक युवक कार से वहां पहुंचा। महिला का आरोप है कि युवक ने उसे जबरन कार में बैठाया और एक निर्माणाधीन इमारत के पास ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर मारपीट किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने घटना का वीडियो भी बनाया और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी के पास उसका मोबाइल फोन भी था और वीडियो को सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप के जरिए साझा करने की धमकी देकर दबाव बनाया गया।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
पीड़िता का कहना है कि घटना के दौरान और उसके बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी। चक्कर आने के बाद आरोपी उसे एक सोसायटी के बाहर छोड़कर चला गया। इसके बाद महिला ने मदद के लिए पुलिस को फोन किया।
पीड़िता के अनुसार, उसने रात करीब 12:59 बजे 112 पर कॉल की थी। पुलिस के पहुंचने के बाद उसे थाने ले जाया गया। महिला का दावा है कि उसने लिखित शिकायत दी और पुलिसकर्मी उसके बताए घटनास्थल तक भी पहुंचे। बाद में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
महिला ने बताया कि स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उसे गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल में करीब दो दिन उपचार कराना पड़ा। इसके बाद उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया, जहां लगभग छह दिन इलाज चला।
FIR दर्ज नहीं होने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि पुलिस को घटना के समय पहने कपड़ों समेत अन्य जरूरी साक्ष्यों की जानकारी दी गई थी, लेकिन आरोप के मुताबिक इन चीजों को बरामद नहीं किया गया। उसका दावा है कि मेडिकल जांच के बाद भी अब तक FIR दर्ज नहीं हुई।
महिला ने पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। उसका दावा है कि थाने के एक दरोगा ने कथित तौर पर 1.50 लाख रुपये लेकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हुई है।
पुलिस ने जांच की बात कही
मामले में डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार, महिला ने थाने में लिखित शिकायत देने के बजाय ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता ने मांगा निष्पक्ष न्याय
पीड़िता अब मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग कर रही है। उसका कहना है कि कार्रवाई में देरी के कारण उसे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद से वह शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजर रही है और चाहती है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाए।
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