उत्तराखंड की धामी सरकार की कैबिनेट बैठक इस बार देहरादून से बाहर चंपावत जिले के बनबसा में प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 4 अक्टूबर को एनएचपीसी गेस्ट हाउस, बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में कैबिनेट बैठक होने की वजह से यह आयोजन प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार का कामकाज केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार की पहुंच प्रदेश के सभी क्षेत्रों, सीमांत इलाकों, जनजातीय क्षेत्रों और गांवों तक होनी चाहिए। इसी उद्देश्य के तहत बनबसा में कैबिनेट बैठक प्रस्तावित की गई है।
चंपावत में पहली बार प्रस्तावित कैबिनेट बैठक
उत्तराखंड में समय-समय पर देहरादून से बाहर भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित होती रही हैं। गैरसैंण, टिहरी झील, हरिद्वार और अल्मोड़ा जैसे स्थानों के बाद अब चंपावत जिले के बनबसा में कैबिनेट बैठक प्रस्तावित की गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुष्कर सिंह धामी चंपावत विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके विधानसभा क्षेत्र में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित किए जाने से स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को विशेष महत्व मिल रहा है।
सीमांत और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद
प्रस्तावित बैठक में चंपावत और आसपास के सीमांत क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों तथा जनजातीय कल्याण से संबंधित विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, बैठक के एजेंडे और उसमें रखे जाने वाले प्रस्तावों की अंतिम जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
उत्तराखंड सरकार का जनजातीय कल्याण विभाग राज्य के अनुसूचित जनजाति समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए नोडल विभाग है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर राज्य की प्रमुख जनजातियों में जौनसारी, भोटिया, बोक्सा, थारू और राजी का उल्लेख है।
बनबसा में होगा राज्य स्तरीय जनजातीय महोत्सव
कैबिनेट बैठक के साथ बनबसा में राज्य स्तरीय जनजातीय महोत्सव आयोजित किए जाने की भी जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस आयोजन में उत्तराखंड की विभिन्न जनजातीय समुदायों की भागीदारी होगी।
चंपावत और आसपास के क्षेत्रों में थारू, बोक्सा और राजी समुदायों की मौजूदगी है, जबकि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से अन्य जनजातीय समुदाय भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक राजी समुदाय चंपावत जिले में भी पाया जाता है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में वर्ष 2026 का जनजातीय महोत्सव 25 से 27 मार्च तक देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया था। इसका आयोजन राज्य जनजातीय शोध सह सांस्कृतिक केंद्र एवं संग्रहालय द्वारा किया गया था।
प्रशासन ने तैयारियां की तेज
बनबसा में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक और जनजातीय महोत्सव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज किए जाने की जानकारी है। आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं के साथ सुरक्षा, यातायात और अन्य जरूरी इंतजामों पर भी काम किया जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में कौन-कौन से प्रस्ताव रखे जाएंगे और किन फैसलों पर मुहर लगेगी, इसकी तस्वीर बैठक के एजेंडे और मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रस्तावित बैठक को चंपावत में सरकार की प्रशासनिक गतिविधियों के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट: आकाश सिंह (देहरादून)
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