अल्मोड़ा। पूर्व राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री मोहन पाठक अल्मोड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार धरातल पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों का लाभ युवाओं को मिल रहा है और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
खेल से होता है शारीरिक और मानसिक विकास
मोहन पाठक ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार खेलों से अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और संघर्ष करने की क्षमता जैसे गुण विकसित होते हैं, जो व्यक्तित्व निर्माण के लिए जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन कर सकते हैं। आज के समय में जब युवाओं का काफी समय मोबाइल और स्क्रीन पर बीतता है, तब मैदान से जुड़ाव और भी जरूरी हो गया है।
बाइट: मोहन पाठक दर्जा राज्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार।
पूर्व राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री मोहन पाठक अल्मोड़ा पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार धरातल पर कार्य कर रही हैं। इन प्रयासों का लाभ युवाओं को मिल रहा है और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
मोहन पाठक ने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें उचित मंच, बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं देने की है। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
दर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि इन प्रयासों का मकसद ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें हर इच्छुक युवा को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके।
मोहन पाठक ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल इस बात की है कि उन्हें उचित मंच, बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलते हैं, तब वे बड़े स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से मिल रहे अवसर
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में, जहां युवाओं में मेहनत और सहनशक्ति की पहचान है, खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाएं भी अधिक मानी जाती हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर मिलने वाला प्रोत्साहन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए भी उम्मीद जगाता है।
पढ़ाई के साथ खेलों में भागीदारी का आह्वान
मोहन पाठक ने युवाओं से पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल दोनों मिलकर एक संतुलित और सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा को निखारने और मिले अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
आगे की राह
खेलों को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों को लेकर आम लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। अभिभावक, शिक्षक और खेल संगठन अगर युवाओं को प्रोत्साहित करें, तो प्रदेश से और अधिक प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती हैं।
रिपोर्ट: राजीव कर्नाटक, अल्मोड़ा
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