श्रमदान से तैयार हुआ सड़क का बड़ा हिस्सा
चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक में ग्रामीणों ने मिसाल पेश करते हुए सरकारी मशीनरी का इंतजार करने के बजाय खुद मोर्चा संभाल लिया। बांस-बस्वाड़ी से गर्लस्लैक तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क में से ग्रामीणों ने 2.5 किलोमीटर हिस्सा श्रमदान से काटकर तैयार कर दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का रास्ता पहले ही काटा जा चुका है और वन विभाग की जमीन वाले हिस्से में भी कोई पेड़ सड़क निर्माण में बाधक नहीं है।
वन भूमि बनी सड़क निर्माण में सबसे बड़ी बाधा
सड़क का 500 से 700 मीटर हिस्सा वन विभाग की भूमि में आता है, जिसकी वजह से इस हिस्से में मशीन चलाने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। सड़क पर जमा मलबा हटाने के लिए मशीन की जरूरत है, लेकिन NOC न मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब रास्ता पहले ही तैयार है और कोई पेड़ आड़े नहीं आ रहा, तो अनुमति में देरी की कोई वजह समझ नहीं आती।
तीन हजार की आबादी को मिलेगा फायदा
यह सड़क पाटी ब्लॉक मुख्यालय को बांस-बस्वाड़ी क्षेत्र से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बनने से बांस-बस्वाड़ी, जमनटाक, बसान, गोलनासेरी और पटनगांव समेत आसपास के गांवों की करीब तीन हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और बाजार तक पहुंच आसान होगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और ब्लॉक मुख्यालय की दूरी भी सुगम हो जाएगी। ग्रामीण इसे क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोकने की दिशा में भी एक अहम कदम मान रहे हैं।
बाइट – नैन सिंह
क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि, बांस-बस्वाड़ी
“हमने खुद मेहनत करके सड़क का ज्यादातर हिस्सा तैयार कर दिया है, रास्ता भी पहले से कटा हुआ है और कोई पेड़ भी आड़े नहीं आ रहा, बस वन विभाग की NOC मिलने की देर है। हमने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर जल्द अनुमति देने की मांग की है, ताकि सड़क जल्द से जल्द यातायात के लिए खुल सके।”
मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा पत्र
सड़क निर्माण के लिए श्रमदान करने वालों में नैन सिंह, चिंता शर्मा, दीपक जोशी, तिलोक सिंह पाटनी, नीरज जोशी और नंदन जोशी समेत कई ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों और क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्रकला ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर वन विभाग से जरूरी NOC और मशीन चलाने की अनुमति दिलाने की मांग की है।
अब सरकार से अनुमति का इंतजार
ग्रामीणों ने अपने बलबूते सड़क का बड़ा हिस्सा तैयार कर दिया है, अब उनकी नजर शासन और वन विभाग की अनुमति पर टिकी है। क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि नैन सिंह ने बताया कि सड़क का रास्ता पहले ही तैयार है और कोई पेड़ बाधक नहीं है, ऐसे में जल्द अनुमति मिलने पर यह सड़क आसानी से यातायात के लिए खोली जा सकती है। सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस दिशा में जल्द कदम उठाएगा और ग्रामीणों के महीनों की मेहनत को जल्द रंग लाएगा।
रिपोर्टर: मनोज कपरी, चंपावत
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