अम्बेडकर नगर। पार्थ ट्रेड धागा मिल में कैंटीन का खाना खाने के बाद महिला वर्करों और प्रशिक्षण ले रही युवतियों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। देर रात पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद करीब 21 महिला वर्कर और प्रशिक्षु फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित बताए गए हैं। इनमें से 17 लोगों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि चार लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
जानकारी के मुताबिक धागा मिल में काम करने वाली महिला वर्करों और कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण ले रही युवतियों ने मिल परिसर में संचालित कैंटीन में खाना खाया था। इसके कुछ घंटे बाद रात करीब तीन बजे कुछ युवतियों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। उन्हें पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई।
तबीयत बिगड़ने पर प्रभावित लोगों को सुबह करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बृजेश कुमार ने चिकित्सकों की टीम के साथ मरीजों के इलाज की व्यवस्था संभाली।
सीएमओ और एसडीएम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर लिया जायजा
फूड प्वाइजनिंग की सूचना मिलने के बाद सीएमओ प्रमोद कुमार और टांडा एसडीएम संजीव कुमार भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अधिकारियों ने मरीजों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सीएमओ प्रमोद कुमार के अनुसार, मरीजों की तबीयत रात में खराब हुई थी और उन्हें सुबह मेडिकल कॉलेज लाया गया। उन्होंने बताया कि बीमार लोगों में कुछ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवक-युवतियां भी शामिल हैं। उपचार के बाद मरीजों की स्थिति स्थिर बताई गई है। चार लोगों को इमरजेंसी से ही छुट्टी दे दी गई, जबकि 17 लोगों का इलाज जारी है।
धागा मिल की कैंटीन से लिए गए भोजन के सैंपल
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने सिर्फ अस्पताल में उपचार तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि संभावित कारणों की जांच भी शुरू कर दी है। सीएमओ, टांडा एसडीएम और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने धागा मिल पहुंचकर कैंटीन का निरीक्षण किया।
खाद्य विभाग की टीम ने कैंटीन में तैयार भोजन के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा टांडा एसडीएम ने मिल परिसर में इस्तेमाल किए जा रहे पीने के पानी की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
भोजन और पानी के सैंपल की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी की वजह क्या रही। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों का उपचार डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
कौशल विकास मिशन के प्रशिक्षु भी प्रभावित
इस घटना में धागा मिल में काम करने वाली महिला वर्करों के साथ कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण ले रही युवतियों के बीमार होने की भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रभावित लोगों में कई की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच है।
घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी ली। खाद्य विभाग द्वारा भोजन के नमूने लिए जाने और पानी की जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार उपचाराधीन मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। प्रशासन की ओर से मामले की निगरानी की जा रही है।
रिपोर्ट: अमित मौर्य, अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश