चंपावत के दूरस्थ बाराकोट ब्लॉक के सिंगदा गांव में मंगलवार को जन-जन की सरकार शिविर लगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुए इस शिविर में लगभग 510 लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिला। ग्रामीणों की ओर से 57 शिकायतें और आवेदन भी दर्ज किए गए।
सिंगदा में लगा बहुउद्देशीय शिविर
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंगदा में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री श्याम नारायण पांडे और सुभाष बगोली भी मौजूद रहे। शिविर का मकसद प्रशासन को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याएं मौके पर सुनना था। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण यहां के लोगों को अक्सर छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव में ही लगे शिविर से उन्हें काफी सहूलियत मिली।
विभागीय स्टॉलों पर मिली योजनाओं की जानकारी
शिविर में स्वास्थ्य, पंचायती राज, पशुपालन, उद्यान, आयुष, कृषि, कौशल विकास, सहकारिता और श्रम विभाग समेत कई विभागों ने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई और कई सेवाएं मौके पर उपलब्ध कराई गईं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
बाइट – जिलाधिकारी मनीष कुमार
“शिविर का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें लेना नहीं, पात्र ग्रामीणों को वास्तविक लाभ पहुंचाना है। सभी दर्ज शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण होगा, कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा।”
ग्रामीणों ने रखीं स्थानीय समस्याएं
शिविर में ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र की कई जरूरतें अधिकारियों के सामने रखीं। इनमें ये मांगें शामिल रहीं:
- विद्यालय का उच्चीकरण
- पेयजल पाइपलाइन
- सड़क सुधारीकरण
- मंदिर की सुरक्षा दीवार
- फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए घेरबाड़
आवास से जुड़े मामले भी अधिकारियों के सामने आए। कुल मिलाकर ग्रामीणों की ओर से 57 शिकायतें और आवेदन दिए गए।
एनएच रोड कटिंग का मुद्दा उठा
ग्राम प्रधान चंद्रा देवी ने एनएच रोड कटिंग से मकानों को हो रहे खतरे का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम लोहाघाट, एनएच के अधिशासी अभियंता और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को संयुक्त रूप से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क कटिंग का असर आसपास के मकानों और बस्तियों पर पड़ सकता है, इसलिए यह विषय ग्रामीणों के लिए अहम माना जा रहा है।
मौके पर मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में सिर्फ शिकायतों की सुनवाई नहीं हुई, बल्कि कई लोगों को उसी समय लाभ भी दिया गया।
- सहकारिता विभाग: पं. दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत तीन किसानों को कृषि कार्य के लिए कुल 90 हजार रुपये के ब्याजमुक्त ऋण के चेक दिए गए।
- समाज कल्याण विभाग: दो लाभार्थियों को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए।
- आंगन मिलन कार्यक्रम: गर्भवती प्रीति देवी की गोदभराई की गई और पोषण के लिए उन्हें फलों की टोकरी दी गई।
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ: इस अभियान का संदेश देते हुए एक बच्ची का जन्मदिन भी मनाया गया।
प्रशासन का उद्देश्य और आगे की उम्मीद
प्रशासन का कहना है कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें और आवेदन लेना नहीं है। पात्र मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर ग्रामीणों को वास्तविक लाभ पहुंचाना भी इनका मकसद है। जिलाधिकारी ने दर्ज शिकायतों और मांगों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए हैं। अब ग्रामीणों की नजर इन्हीं 57 शिकायतों और मांगों पर है, ताकि सड़क, पानी, विद्यालय और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जल्द ठोस काम दिखाई दे।
प्रशासन की इस पहल से दूरस्थ गांवों के लोगों को अपने घर के पास ही योजनाओं का लाभ और समस्याओं के समाधान का भरोसा मिला है। अब सबकी नजर इस पर है कि दर्ज 57 शिकायतें कितनी जल्दी हल होती हैं, ताकि सिंगदा के ग्रामीणों को शिविर का असली फायदा जमीन पर दिखे।
रिपोर्ट – मनोज कापड़ी लोहाघाट
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