बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 13 जिलों में करीब 34 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और हालात अभी भी काबू में आते नहीं दिख रहे। इसी बीच राजद नेता राबड़ी देवी ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि बाढ़ का पानी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद पिएंगे, जिससे बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
SDM-CO की नाव 55 मिनट तक गंगा में फंसी
बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने निकले एसडीएम और सीओ समेत कई अधिकारियों की मोटरबोट गंगा नदी की तेज धारा में फंस गई। बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत व्यवस्था की समीक्षा कर लौट रहे अधिकारियों की नाव में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद वह करीब 55 मिनट तक बीच धार में फंसी रही। बाद में एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अधिकारियों और कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया था।
13 जिलों में बाढ़ का कहर, आंकड़े चौंकाने वाले
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार के 13 जिलों के करीब 79 प्रखंडों और 480 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल चुका है, जिससे लगभग 34 लाख लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी अपने पुराने सर्वोच्च जलस्तर को भी पार कर चुकी है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट
संकट के इस दौर में मौसम विभाग ने बिहार में 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज भी राज्य के 6 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ सकती है। नदियों में जलस्तर पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, ऐसे में अगले कुछ दिन प्रशासन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।
राबड़ी देवी का सम्राट चौधरी पर निशाना
बाढ़ की इस विकट स्थिति के बीच राजद की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े करते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रशासन बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरत रहा है, उससे लगता है कि बाढ़ का पानी खुद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ही पीना पड़ेगा। इस बयान के जरिए राबड़ी देवी ने सरकार पर राहत कार्य में सुस्ती और लापरवाही का आरोप लगाया है।
राहत-बचाव कार्य जारी
सरकार की ओर से बताया गया है कि सैकड़ों सरकारी नावें, NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी कई जगहों पर की गई है, लेकिन विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि जमीनी स्तर पर मदद पर्याप्त नहीं पहुंच रही।
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