Tej Pratap Yadav इन दिनों राजनीति के साथ-साथ भोजपुरी मनोरंजन शो ‘भोजपुरी बवाल’ को लेकर भी चर्चा में हैं। शो के एक प्रोमो में उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर ऐसा दावा किया, जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें धमकियां मिलती हैं और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस होता है।
हालांकि, ये बातें फिलहाल तेज प्रताप यादव के दावे हैं। किसी कथित साजिश या हत्या की योजना की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
Tej Pratap Yadav ने क्या कहा?
‘भोजपुरी बवाल’ के प्रोमो में तेज प्रताप यादव अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है और कुछ लोग उनकी सुरक्षा हटवाने में शामिल रहे हैं।
तेज प्रताप ने एक शख्स को ‘जयचंद’ बताते हुए दावा किया कि उसने दिल्ली में एक बड़े नेता के साथ मिलकर उनकी सुरक्षा हटवाने में भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने अपनी जान को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि उन्हें जगह-जगह जाना पड़ता है और ऐसे में उन्हें डर रहता है कि कहीं कोई उनके साथ अप्रिय घटना न कर दे। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने आशंका जताई कि ‘जयचंद’ उनकी हत्या करवा सकता है।
PA पर भी लगाया धोखे का आरोप
Tej Pratap Yadav ने इस दौरान अपने पूर्व पीए मोतीलाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि मोतीलाल उनके विरोधियों के संपर्क में था और उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी दूसरे लोगों तक पहुंचाता था।
तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पीए के जरिए पार्टी से जुड़े करीब 20 लाख रुपये के फंड को लेकर भी विवाद हुआ। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या इस मामले में किसी निष्कर्ष की आधिकारिक जानकारी इस रिपोर्ट के समय सामने नहीं आई है।
यह पहली बार भी नहीं है जब तेज प्रताप ने अपने करीबी लोगों पर विश्वासघात के आरोप लगाए हों। इससे पहले ‘भोजपुरी बवाल’ में वह अपनी निजी और राजनीतिक जिंदगी में ‘गद्दारी’ की बात कर चुके हैं। उन्होंने अपनी स्थिति की तुलना फिल्म ‘बाहुबली’ की कहानी से करते हुए ‘कटप्पा’ का जिक्र किया था।
हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का भी दावा
इस विवाद से जुड़े दूसरे बयानों में तेज प्रताप यादव ने खुद को हनीट्रैप में फंसाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने पहले उनका भरोसा जीता और बाद में उन्हें कानूनी कार्रवाई तथा बदनामी का डर दिखाया।
रिपोर्टों के मुताबिक, तेज प्रताप ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने अपने आसपास मौजूद कुछ लोगों पर विरोधियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।
इन दावों को लेकर अभी किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष को तेज प्रताप के आरोपों की पुष्टि के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा को लेकर पहले भी उठा चुके हैं सवाल
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा को लेकर चिंता का मुद्दा नया नहीं है। हाल के दिनों में उन्होंने सुरक्षा संबंधी परेशानी का जिक्र करते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने में डर लगने की बात भी कही थी। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से मामले को गंभीरता से देखने की अपील की थी।
ऐसे में ‘भोजपुरी बवाल’ में किया गया उनका ताजा दावा उनके पहले के सुरक्षा संबंधी बयानों से भी जुड़ता दिखाई देता है।
राजनीति से मनोरंजन तक चर्चा में तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव पिछले कुछ समय से अपनी राजनीतिक गतिविधियों के साथ मनोरंजन जगत से जुड़े प्रोजेक्ट्स के कारण भी सुर्खियों में हैं। ‘भोजपुरी बवाल’ में वह अपनी निजी जिंदगी, परिवार, राजनीति और विवादों पर खुलकर बात करते दिखाई दे रहे हैं।
शो के प्रोमो में जहां भोजपुरी सिनेमा के कलाकारों से जुड़े मनोरंजक और भावुक पल देखने को मिलते हैं, वहीं तेज प्रताप के बयान राजनीतिक और व्यक्तिगत विवादों को भी चर्चा में ले आते हैं।
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Tej Pratap Yadav ने अपनी जान को खतरा होने और साजिश किए जाने का दावा किया है, लेकिन इन आरोपों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए मामले को आरोप और दावे के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए।
अगर तेज प्रताप की ओर से किसी कथित धमकी या साजिश को लेकर पुलिस में शिकायत, जांच या आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने आती है, तो उससे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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