देहरादून। कांग्रेस का प्रदर्शन शुक्रवार को देहरादून में देखने को मिला, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। देशव्यापी आंदोलन के तहत कार्यकर्ताओं ने पुतला और अर्थी जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मताधिकार को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
देशव्यापी आंदोलन के तहत देहरादून में विरोध
कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के क्रम में देहरादून में भी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में अपनी बात रखी। कार्यकर्ताओं ने पुतला और अर्थी के साथ जुलूस निकालकर अपना विरोध जताया। इसके बाद पुतला दहन किया गया।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अपनी बात रखने का एक तरीका माना जाता है। इस मामले में कांग्रेस ने इसी माध्यम से चुनाव प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
बाइट – डॉ. जसविंदर गोगी, महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी
देहरादून में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्यों से लोकतंत्र और लोगों के मतदान के अधिकार पर हमला हुआ है।
डॉ. गोगी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने धक्का-मुक्की की। उनके अनुसार, पुतला और अर्थी छीनने का प्रयास भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। ये सभी बातें कांग्रेस नेता के आरोप और बयान हैं। इन पर पुलिस, प्रशासन या चुनाव आयोग का पक्ष अभी उपलब्ध नहीं है।
महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी के आरोप
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यों से लोकतंत्र और लोगों के मतदान के अधिकार पर हमला हुआ है। उन्होंने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसकी रक्षा होनी चाहिए।
डॉ. गोगी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने धक्का-मुक्की की। उनके अनुसार, पुतला और अर्थी छीनने का प्रयास भी किया गया। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। ये बातें कांग्रेस नेता के आरोप के रूप में सामने आई हैं। इस पर पुलिस या प्रशासन का पक्ष खबर में उपलब्ध नहीं है।
इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
कांग्रेस ने साफ किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर आगे भी विरोध के लोकतांत्रिक तरीके अपनाती रहेगी। आंदोलन की आगे की रूपरेखा के बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सूर्यकांत धस्माना ने की जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी चुनाव आयोग और सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों की जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जरूरत पर जोर दिया।
धस्माना के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का समाधान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि लोगों का चुनावी व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। ये सभी बातें कांग्रेस नेताओं के बयान हैं।
चुनावी पारदर्शिता पर बहस
देहरादून में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया, मताधिकार और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखा। चुनावी पारदर्शिता का विषय आम मतदाताओं के लिए भी अहम माना जाता है। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बयान और आगे होने वाली चर्चा पर लोगों की नजर बनी रह सकती है।
फिलहाल कांग्रेस नेताओं ने अपने आरोप और मांगें सार्वजनिक रूप से रखी हैं। आगे इस पर चुनाव आयोग या अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया आने पर तस्वीर और साफ हो सकेगी।
रिपोर्ट: आकाश, देहरादून
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