देहरादून के डाटकाली-आशारोड़ी-मोहब्बेवाला मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के साथ मिलकर इस मार्ग पर 24 घंटे का सघन चेकिंग और जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अभियान के पहले ही दिन 350 से अधिक भारी और मध्यम वाहनों की जांच की गई। इस दौरान वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक किया गया और पैम्फलेट भी वितरित किए गए।
हादसों वाले स्ट्रेच पर विशेष निगरानी
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला के मुताबिक डाटकाली-आशारोड़ी-मोहब्बेवाला मार्ग का करीब साढ़े सात किलोमीटर का हिस्सा दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। इस मार्ग पर तीव्र ढलान और कई खतरनाक मोड़ होने के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
परिवहन विभाग ने पुलिस, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के साथ मिलकर 15 दिनों का संयुक्त अभियान शुरू किया है। इस दौरान वाहनों की जांच के साथ चालकों से मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और समस्याओं को लेकर फीडबैक भी लिया जा रहा है।
भारी वाहनों की गति सीमा घटाने का प्रस्ताव
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए इस मार्ग पर वाहनों की गति सीमा कम करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक भारी वाहनों की अधिकतम गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि हल्के वाहनों और दोपहिया वाहनों के लिए 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की जा सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक आदेश जारी होने के बाद निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मार्ग पर लगे ANPR कैमरों के जरिए वाहनों की निगरानी की जाएगी और ओवरस्पीडिंग पाए जाने पर नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जाएगी।
ओवरस्पीडिंग पर लाइसेंस कार्रवाई की तैयारी
अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा एनएचएआई की ओर से इस मार्ग का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट भी कराया जाएगा। ऑडिट के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि सड़क की डिजाइन, ढलान, मोड़, संकेतक और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में किन सुधारों की जरूरत है।
परिवहन विभाग का कहना है कि चेकिंग अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी है।
रिपोर्ट: आकाश, देहरादून