दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित हो गए, जिसमें छात्र राजनीति की तस्वीर लगभग पूरी तरह साफ हो गई। नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में मतगणना पूरी होने के बाद चारों प्रमुख पदों के विजेताओं के नाम सामने आ गए।
ABVP ने तीन पदों पर मारी बाजी
DUSU चुनाव परिणाम के मुताबिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव, इन तीन अहम पदों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ छात्र संगठन ने एक बार फिर कैंपस की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है।
अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर के बाद यश डबास विजयी
अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच पूरे मतगणना के दौरान बढ़त लगातार ऊपर-नीचे होती रही। कई राउंड तक स्थिति अनिश्चित बनी रही, लेकिन अंतिम नतीजे में यश डबास ने बाजी अपने नाम कर ली और DUSU अध्यक्ष पद पर काबिज हुए।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय का उलटफेर
जहां बाकी तीन पदों पर ABVP का दबदबा रहा, वहीं उपाध्यक्ष पद का नतीजा सबसे चौंकाने वाला साबित हुआ। इस सीट पर न तो ABVP और न ही NSUI बाजी मार सकी, बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज कर सबको हैरान कर दिया। DUSU चुनाव परिणाम में यह इकलौता ऐसा पद रहा जहां किसी बड़े छात्र संगठन को हार का सामना करना पड़ा।
NSUI के लिए निराशाजनक रहा चुनाव
इस बार के चुनाव में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI के लिए नतीजे बेहद निराशाजनक रहे। संगठन एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो सका, जिससे कैंपस में उसकी पकड़ पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अध्यक्ष पद पर करीबी हार को छोड़ दें तो बाकी तीनों पदों पर भी NSUI उम्मीदवार पीछे रह गए।
सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP आगे
सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने जीत हासिल की, जबकि संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। इन दोनों जीत के साथ ABVP ने साबित कर दिया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में उसका प्रभाव अब भी बरकरार है।
चारों पदों के विजेताओं की सूची
- अध्यक्ष: यश डबास (ABVP)
- उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)
- सचिव: रिया छाबड़ी (ABVP)
- संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह (ABVP)
DUSU चुनाव परिणाम के इन नतीजों को छात्र राजनीति के जानकार आने वाले समय के लिए महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं, खासकर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत को लेकर, जो पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति से हटकर एक नया रुझान दिखाती है।
DUSU चुनाव परिणाम का बड़ा संदेश
DUSU चुनाव परिणाम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में कई नए संकेत दिए हैं। एक तरफ ABVP ने तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर अपनी पकड़ मजबूत साबित की, तो दूसरी तरफ उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की जीत ने पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति को चुनौती दी। यह नतीजा दिखाता है कि छात्र अब सिर्फ बड़े संगठनों के झंडे तले वोट नहीं कर रहे, बल्कि व्यक्तिगत छवि और जमीनी जुड़ाव को भी तरजीह दे रहे हैं। वहीं NSUI का पूरी तरह सूपड़ा साफ होना कांग्रेस समर्थित इस छात्र संगठन के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि लगातार कमजोर होता प्रदर्शन कैंपस में उसकी प्रासंगिकता पर सवाल खड़े करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि DUSU जैसे चुनाव अक्सर आगे की राष्ट्रीय राजनीति का शुरुआती संकेत माने जाते हैं, इसलिए इस बार के परिणामों पर बड़े दलों की भी नजर रहेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि निर्दलीय जीत का यह ट्रेंड आगे भी कायम रहता है या यह महज एक अपवाद साबित होता है।
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