एक शादीशुदा जिंदगी, एक बहन का साथ और चंद सेकंडों में सब कुछ खत्म। लखनऊ के गोमती नगर में गुरुवार को जो हुआ, उसने पूरे शहर की रूह कंपा दी। गोमती नगर डबल मर्डर की यह घटना बताती है कि घर की चारदीवारी के भीतर पलती कड़वाहट कभी-कभी सरेआम सड़क पर खून की लकीरें खींच देती है।
बैंक के बाहर बुलाया, बात की, और चला दी गोली
गोमती नगर में रहने वाली दिव्या मिश्रा, ICICI बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात थीं और रोज की तरह अपने काम में व्यस्त थीं। तभी उनका पति टेंपो से बैंक के बाहर आ पहुंचा। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, ऐसी बातचीत जिसका अंत किसी को अंदाजा नहीं था। बातों-बातों में अचानक जेब से पिस्टल निकली और दो गोलियां दिव्या के सीने को चीरती चली गईं।
एक हत्या से नहीं भरा गुस्सा, बहन को भी नहीं बख्शा
पत्नी को गोली मारने के बाद आरोपी वहीं नहीं रुका। ऑटो पकड़कर फरार होने से पहले या उसके तुरंत बाद, उसने अपनी ही बहन सीमा वाजपेयी को भी मौत के घाट उतार दिया। मानो गुस्से और नफरत का ज्वालामुखी उस दिन पूरे परिवार को निगल जाने पर तुला था। दो हत्याओं के बाद आखिर में उसने खुद पर भी पिस्टल तान दी और अपनी जिंदगी खत्म कर ली। गोमती नगर डबल मर्डर की यह कहानी एक हत्या नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की तबाही की दास्तान बन गई।
पुलिस के लिए पहेली बना पारिवारिक विवाद का सच
घटना की खबर मिलते ही पुलिस फौरन मौके पर पहुंची, शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटनास्थल से सबूत जुटाने का काम शुरू हो चुका है, लेकिन असली सवाल अब भी अनसुलझा है — आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पति अपनी ही पत्नी और बहन की जान लेने पर उतारू हो गया? शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह की तरफ इशारा किया जा रहा है, मगर पुलिस ने अभी तक इस पर मुहर नहीं लगाई है।
बैंक के बाहर जमा हुई भीड़, इलाके में दहशत का साया
गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। ICICI बैंक के बाहर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे बाद में पुलिस ने मशक्कत के बाद हटाया। घटना के बाद पूरे गोमती नगर इलाके में सन्नाटा और खौफ पसर गया। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में गश्त बढ़ाकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की है।
पुलिस का कहना है कि पूरी जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर उस दिन बैंक के बाहर ऐसा क्या हुआ जिसने एक परिवार को हमेशा के लिए मिटा दिया।