हरियाणा के गुरुग्राम में चल रहे Gurugram Encroachment Drive के दौरान एक अधिकारी का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साइबर सिटी में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे डीटीसीपी (DTCP) के एन्फोर्समेंट अधिकारी आर.एस. भाठ ने सख्त लहजे में कहा, “मैं कोई चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं।” उनका यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।
Gurugram Encroachment Drive के दौरान क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-2 इलाके में प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। विरोध के बीच अधिकारी आर.एस. भाठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई के दौरान मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
R.S. भाठ का वीडियो क्यों हुआ वायरल?
Gurugram Encroachment Drive के दौरान अधिकारी का सख्त अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो में वह अवैध कब्जाधारकों को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं कि प्रशासन कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा और किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उनके “मैं कोई चुन्नू-मुन्नू अफसर नहीं हूं” वाले बयान को सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की सख्ती बता रहे हैं तो कुछ इसे अधिकारियों के बदलते तेवर के रूप में देख रहे हैं।
अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी
गुरुग्राम प्रशासन लंबे समय से शहर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अभियान चला रहा है। सड़कों, सरकारी जमीनों और सार्वजनिक स्थानों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
Gurugram Encroachment Drive के तहत कई इलाकों में बुलडोजर कार्रवाई और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि शहर को व्यवस्थित और यातायात के अनुकूल बनाने के लिए यह अभियान जरूरी है।
प्रशासन ने दी साफ चेतावनी
अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने सरकारी जमीन या सार्वजनिक स्थलों पर अवैध निर्माण किया है, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी। प्रशासन ने लोगों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील भी की है।
सोशल मीडिया पर छाया मामला
Gurugram Encroachment Drive से जुड़ा यह वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स प्रशासन की सख्ती का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग कार्रवाई के तरीके पर सवाल भी उठा रहे हैं।
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