महीनों से चल रहे खूनी टकराव के बीच अब शांति की एक उम्मीद जगी है। ईरान अमेरिका युद्ध को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब इस जंग को खत्म कर अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है।
पेजेशकियान समेत कई अधिकारियों को मिला वीजा
इसी अहम घटनाक्रम के बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित वरिष्ठ अधिकारियों को न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए वीजा मंजूर कर दिया है। ईरान अमेरिका युद्ध के बीच यह कदम कूटनीतिक स्तर पर बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि छह महीने से ज्यादा समय से दोनों देश सीधे सैन्य संघर्ष में उलझे हुए थे।
विदेश विभाग ने की पुष्टि
अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि संयुक्त राष्ट्र की आगामी बैठकों में हिस्सा लेने के लिए ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल और जरूरी कर्मचारियों को वीजा जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ किया कि इस उच्च स्तरीय टीम की अगुवाई खुद राष्ट्रपति पेजेशकियान और विदेश मंत्री अराघची करेंगे।
फरवरी में भड़की थी जंग की आग
गौरतलब है कि ईरान अमेरिका युद्ध की शुरुआत इसी साल फरवरी में हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा संयुक्त हमला किया था। इस कार्रवाई में ईरान की सरकारी इमारतों, प्रमुख सैन्य ठिकानों और हवाई रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ गया।
ट्रंप का बड़ा दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने मौजूदा हालात पर बयान देते हुए कहा कि यह जंग अब शायद अपने अंत की ओर बढ़ रही है। उनका कहना है कि ईरान ने खुद समझौते की इच्छा जताते हुए अमेरिका से संपर्क किया है। पर्दे के पीछे दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए लगातार कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं।
अभी भी कई सवाल बाकी
हालांकि वीजा मंजूरी से शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में चुनौतियां अब भी कम नहीं हैं। वैश्विक व्यापार के लिहाज से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अभी कोई ठोस समझौता होता नहीं दिख रहा। फिर भी UN महासभा के मंच पर दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में ईरान अमेरिका युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई स्थायी समाधान निकल सकता है।
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