संतकबीरनगर: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब जुलूस में शामिल लोगों और पुलिस के बीच विवाद के बाद हंगामा शुरू हो गया। बखिरा थाना क्षेत्र में हुए इस घटनाक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के वाहन को भीड़ ने घेर लिया। आरोप है कि वाहन में तोड़फोड़ की गई और उसका शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सांसद को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद इलाके में पुलिस बल बढ़ा दिया गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और वाहन में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कैसे की जाए।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकला था जुलूस
जानकारी के अनुसार, बखिरा कस्बे में गणेश उत्सव के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और DJ भी लगाया गया था। जुलूस निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ रहा था।
इसी दौरान DJ की आवाज और उसे बजाने को लेकर पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई। बताया गया कि पुलिस ने DJ वाहन को अपने कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने नाराजगी जताई और मौके पर विरोध शुरू हो गया।
कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
DJ वाहन को थाने ले जाने के बाद कुछ लोग सड़क पर बैठकर विरोध करने लगे। इससे जुलूस की गतिविधियां प्रभावित हुईं और मौके पर भीड़ जमा होने लगी। इसी बीच सांसद लक्ष्मीकांत निषाद का वाहन भी वहां पहुंच गया।
प्रत्यक्ष घटनाक्रम को लेकर पुलिस जांच कर रही है। आरोप है कि भीड़ ने सांसद के वाहन को घेर लिया और उसके साथ तोड़फोड़ की। वाहन का एक शीशा टूटने की बात सामने आई है। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने सांसद को वाहन से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया गया।
सांसद पहुंचे थाने, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद सांसद पप्पू निषाद बखिरा थाने पहुंचे। उन्होंने अपने वाहन में हुई तोड़फोड़ को लेकर पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। सांसद की ओर से मामले में शिकायत दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद लोगों और घटना से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ और किस स्तर पर स्थिति बिगड़ी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली स्थिति
हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को शांत कराया गया। किसी भी तरह की दूसरी घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई है।
जुलूस और सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी समीक्षा
गणेश विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होती है। ऐसे आयोजनों के दौरान यातायात, DJ की अनुमति, जुलूस का मार्ग और पुलिस व्यवस्था को लेकर प्रशासन पहले से तैयारी करता है। बखिरा की घटना के बाद इन सभी पहलुओं की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है।
पुलिस जांच में यह भी देखा जाएगा कि DJ को लेकर हुई कार्रवाई के बाद विवाद किस तरह बढ़ा और सांसद के वाहन को निशाना बनाए जाने की परिस्थितियां क्या थीं। घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
सांसद के वाहन में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है।
संतकबीरनगर गणेश विसर्जन के दौरान सामने आए इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और धार्मिक जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर और जिम्मेदार लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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