जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में ऑल इंडिया आयुष पीजी एंट्रेंस परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सत्य साईं कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर ऑनलाइन परीक्षा के बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रभावित होने की शिकायत करते हुए केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
परीक्षा के बीच अचानक चली गई बिजली
बताया जा रहा है कि सत्य साईं कॉलेज में अभ्यर्थी AYUSH PG Entrance Exam दे रहे थे। परीक्षा कंप्यूटर आधारित थी और छात्र अपने निर्धारित सिस्टम पर पेपर कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई, जिससे परीक्षा प्रक्रिया बाधित हो गई।
बिजली जाने के बाद परीक्षा केंद्र पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा के बीच तकनीकी समस्या आने से उनका समय प्रभावित हुआ और कई छात्रों को पेपर पूरा करने में परेशानी हुई।
छात्रों ने NTA सेंटर पर जताई नाराजगी
घटना के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र पर अपनी नाराजगी जताई। छात्रों का कहना था कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के लिए केंद्र पर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए थी।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी के लिए काफी समय और मेहनत लगाई थी। ऐसे में परीक्षा के दौरान बिजली कटने से उनका प्रदर्शन प्रभावित होना चिंता का विषय है।
बैकअप व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में बिजली और इंटरनेट की निर्बाध सुविधा बेहद जरूरी होती है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जनरेटर या अन्य बैकअप व्यवस्था से परीक्षा को सुचारु रखने की उम्मीद की जाती है।
जयपुर की इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी और बिजली संबंधी तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए परीक्षा एजेंसी को व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।
प्रभावित छात्रों ने मांगी राहत
परीक्षा प्रभावित होने वाले छात्रों की मांग है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जाए। अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा दोबारा कराने या प्रभावित उम्मीदवारों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग भी सामने आई है।
छात्रों का तर्क है कि बिजली कटौती उनके नियंत्रण से बाहर की स्थिति थी। इसलिए इसके कारण उनके परीक्षा परिणाम या प्रदर्शन पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
अब फैसले का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रभावित अभ्यर्थियों की शिकायत और परीक्षा एजेंसी की ओर से उठाए जाने वाले कदम पर नजर है। छात्रों को उम्मीद है कि मामले की जांच के बाद उन अभ्यर्थियों के हित में उचित फैसला लिया जाएगा, जिनकी परीक्षा बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण प्रभावित हुई।