अल्मोड़ा। पौराणिक रामलीला की समृद्ध परंपरा को जीवित रखने और इसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भुवनेश्वर महादेव रामलीला कमेटी, कर्नाटकखोला (अल्मोड़ा) ने विशेष पहल की है। कमेटी की ओर से रामलीला के लिए विशाल मंच और वृहद दर्शक दीर्घा तैयार की गई है। इसमें आधुनिक साउंड सिस्टम और अत्याधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है।
परंपरा को नए स्वरूप में प्रस्तुत करने का प्रयास
रामलीला की पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से यह तैयारी की गई है। कमेटी ने रामलीला को नया स्वरूप और व्यापक मंच देने के लिए मंच सज्जा, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। आयोजकों का कहना है कि इसका मकसद केवल मंचन को भव्य बनाना नहीं, बल्कि इसकी पौराणिक परंपरा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।
बाइट: बिट्टू कर्नाटक, संयोजक, रामलीला
पौराणिक रामलीला की समृद्ध परंपरा को जीवित रखने और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भुवनेश्वर महादेव रामलीला कमेटी, कर्नाटकखोला (अल्मोड़ा) ने विशेष पहल की है। कमेटी की ओर से विशाल रामलीला मंच और वृहद दर्शक दीर्घा तैयार की गई है। मंच पर आधुनिक साउंड सिस्टम और अत्याधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है। इससे बड़ी संख्या में दर्शक एक साथ मंचन देख सकेंगे। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल मंचन को भव्य बनाना नहीं, बल्कि रामलीला के पात्रों, संवादों और धार्मिक संदेश को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। आने वाले वर्षों में रामलीला को और व्यापक स्वरूप देने का प्रयास जारी रहेगा।
पात्रों, संवादों और संदेश को सहेजने पर जोर
आयोजकों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य रामलीला के पात्रों, संवादों और धार्मिक संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी भी पौराणिक कथाओं और रामलीला की परंपरा से जुड़ सके।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है रामलीला
रामलीला उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। बदलते समय और मनोरंजन के आधुनिक साधनों के बीच पारंपरिक रामलीला की प्रासंगिकता बनाए रखना एक चुनौती माना जाता है। ऐसे में कर्नाटकखोला में की गई यह तैयारी परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का एक उदाहरण मानी जा रही है।
दर्शकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
विशाल मंच और बड़ी दर्शक दीर्घा तैयार होने से रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए सुविधा बढ़ेगी। बड़ी संख्या में लोग एक साथ बैठकर मंचन का आनंद ले सकेंगे। आधुनिक साउंड सिस्टम और बेहतर लाइटिंग से मंचन को अधिक प्रभावशाली रूप देने का प्रयास किया गया है।
संयोजक का बयान
रामलीला के संयोजक बिट्टू कर्नाटक ने बताया कि कमेटी का प्रयास रामलीला की विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे नई पीढ़ी से जोड़ना है। उनके अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को परंपरा और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम है।
मर्यादा, सत्य और कर्तव्य का संदेश
आयोजकों का कहना है कि रामलीला समाज को मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और संस्कारों का संदेश देने वाली सांस्कृतिक परंपरा है। इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए कमेटी लगातार प्रयास कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे।
आने वाले वर्षों में और व्यापक होगा स्वरूप
कमेटी ने बताया कि इस विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाले वर्षों में रामलीला को और व्यापक स्वरूप देने का प्रयास जारी रहेगा। स्थानीय स्तर पर इस पहल की सराहना की जा रही है और माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।
रिपोर्ट: राजीव कर्नाटक, अल्मोड़ा
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