New Delhi: 19 दिसंबर को I.N.D.I.A गठबंधन की चौथी मीटिंग का आयोजन किया गया। राजधानी दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित हुई इस बैठक में सीटों के बंटवारे और चुनावी एजेंडे पर चर्चा की गयी। इस मीटिंग में गठबंधन के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार (Nitish Kumar) भी इस मीटिंग का हिस्सा बनें। तीन घंटे लम्बे चली इस मीटिंग में नितीश कुमार का वो रूप देखने को मिला जो वो अक्सर अपने विरोधियों के प्रति दिखाते हैं। आइये बताते हैं आपको की आखिर किस वजह से बिहार के सीएम मीटिंग में नाराज़ हो गए।
INDIA गठबंधन की चौथी बैठक का हुआ आगाज़। राजधानी दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित हुई इस बैठक में सीटों के बंटवारे और चुनावी एजेंडे पर चर्चा की जाएगी।#INDIAAlliance#LoksabhaElection#BreakingNews#tv7bharat pic.twitter.com/Cz5njrv2MG
— TV7 Bharat (@Tv7Bharat) December 19, 2023
Nitish Kumar खो बैठ अपने आपा!
बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार 19 दिसंबर को आयोजित I.N.D.I.A गठबंधन की चौथी मीटिंग में शामिल हुए। नितीश कुमार उस समय अपना आपा खो बैठे, जब द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) नेता टी.आर. बालू ने अपने भाषण का अनुवाद मांगा। ये भाषण इंडिया ब्लॉक नेताओं की तीन घंटे लंबी बैठक में हिंदी में दिया गया था। आपको बता दें की विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व की पिछली तीनों बैठकों में, राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज के. झा ने सीएम नितीश कुमार और अपनी पार्टी के संरक्षक लालू प्रसाद यादव दोनों के भाषणों को अंग्रेजी में बताकर अनुवादक की भूमिका निभाई थी।

मंगलवार को भी मीटिंग के दौर बिहार के मुख्यमंत्री का भाषण समाप्त होने के बाद टी.आर. बालू ने मनोज झा से इसका अनुवाद करने को कहा। जिसपर नितीश कुमार गुस्सा हो गए। यही नहीं उन्होंने अनुवाग करने से साफ मना कर दिया और अपना भाषण चालू रखा। उन्होंने डीएमके नेताओं से कहा कि उन्हें हिंदी सीखनी चाहिए, जो राष्ट्रीय भाषा है, और कहा कि देश ने बहुत पहले ही अंग्रेजों को उखाड़ फेंका है और सभी को औपनिवेशिक अवशेषों से भी दूर रहना चाहिए।
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बिहार के CM को बनना चाहिए PM Face?
सूत्रों की मानें तो कुछ नेताओं का कहना है की नीतीश कुमार “किसी बात पर नाराज़” थे और बैठक में उन्हें सहज नहीं देखा गया। उनकी पार्टी जद (यू) इस बात पर जोर देती रही है कि उनमें I.N.D.I.A ब्लॉक का प्रधान मंत्री पद का चेहरा बनने के सभी गुण हैं। हालाँकि बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शामिल न होकर नितीश कुमार ने अटकलों को हवा देने का काम किया है। यही नहीं नितीश कुमार के बारे में ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि वे I.N.D.I.A ब्लॉक के संयोजक बनने के इच्छुक हैं। उनके करीबी सहयोगियों का दावा है कि उन्होंने अप्रैल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ बैठक करके और फिर इस साल मई में पटना में गठबंधन की पहली बैठक की मेजबानी करके विपक्षी दलों को एक साथ लाने के लिए पहला कदम उठाया।