Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब फसी रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार की सुबह कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें एनसीआर के अधूरे पड़े 2.40 लाख घरों को पूरा करने की मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय से फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के फ्लैट खरीदार करीब 10 से लेकर 12 वर्षों से फंसे हुए हैं।

Noida: अमिताभ कांत समिती की सिफारिशें मंजूर!
नोएडा समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर और देशभर में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। करीब चार महीने पहले यह समिति बानी थी। समिति ने ने डेवलपर्स की खराब वित्तीय हालत को देखते हुए अपनी संस्तुतियां दी थीं। समिति में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के टॉप ब्यूरोक्रेट्स शामिल थे। सिफारिशें उत्तर प्रदेश सरकार को भेजी गई थीं। सरकार ने गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों को भेजा था। प्राधिकरणों के बोर्ड ने सिफारिशों पर आंशिक आपत्तियां लगाकर सरकार को वापस भेजा था। अब मंगलवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने निर्णय लिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बायर्स को ये कहा जा सकता है की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नया वर्ष का गिफ्ट दिया है इस फैसले के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगो के चेहरे पर खुशी है लोग खुशी में झूम उठे है योगी आदित्यनाथ सरकार को बायर्स ने ध्यनवाद बोला है
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कितने लोगों को होगा फायदा?
सीएम योगी की सरकार के नए फैसले के बाद अब राज्य में करीब 2.40 लाख आवंटियों को राहत मिलेगी। एक तरफ जहां घर खरीदारों की अटकी हुई रजिस्ट्री का रास्ता आसान हो गया है। तो वही दूसरी ओर आशा है की कई सालों से लटकी हुई परियोजनाएं भी पूरी होंगी और आवंटियों को घर का कब्जा मिलेगा। योगी आदित्यनाथ की सरकार का यह फैसला विशेषतः नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आपको बता दें की इन इलाकों में फ्लैट खरीदार करीब दस-दस वर्षों से फंसे हुए हैं। जिस कारण यहाँ अक्सर आवासियों द्वारा प्रदर्शन भी होते रहते हैं।
-नॉएडा से संवाददाता साजिद अली की रिपोर्ट!