Nitish Kumar Hijab Controversy: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब हटाने की घटना के बाद देशभर के मुस्लिम समाज में आक्रोश का माहौल है। जहां एक ओर मुस्लिम समाज की महिलाएं विरोध में सड़को पर उतर रही हैं, वही दूसरी ओर इस मुद्दे ने एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। बिहार में विपक्ष नीतीश सरकार का जमकर विरोध करते हुए नितीश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी कड़ी में अब झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा दांव खेला है। हेमंत सोरेन के इस कदम ने सबको चौंका दिया है। आइये बताते है आपको की कैसे झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने मौके का फायदा उठाते हुए नितीश कुमार की टेंशन बढ़ा दी है।
नितीश कुमार को बड़ा झटका!
नितीश कुमार के हिजाब खींचने की घटना के बाद अब झारखंड सरकार ने डॉ. नुसरत को लेकर ‘सम्मान की राजनीति’ शुरू कर दी है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने डॉ. नुसरत को अपना समर्थन देते हुए ₹3 लाख मासिक वेतन और सरकारी फ्लैट के साथ की सरकारी नौकरी का प्रस्ताव दिया है। पिछले पांच दिनों से चल रहे इस तनाव के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि डॉ. नुसरत अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं करेंगी, लेकिन उनके करीबियों ने अब उनकी ज्वाइनिंग को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। सरकार का कहना है कि झारखंड में बेटियों के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। इस ऑफर में नुसरत को उनकी पसंद की पोस्टिंग, सरकारी फ्लैट और पूर्ण सुरक्षा का वादा किया गया है। जेएमएम ने इसे ‘नियुक्ति नहीं, बल्कि सम्मान की जीत’ करार देते हुए बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज कसा है। हालांकि अभी हेमंत सोरेन की और से इस प्रस्ताव पर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी बीच JMM के नेता की ओर से ये स्पष्ट किया गया है की ये सरकारी बयान नहीं स्वास्थ मंत्री का निजी बयान है। इसके साथ सी उन्होंने ये साफ़ कर दिया है की अभी झारखंड सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है।
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यह है पूरा मामला!
यह पूरा विवाद 15 दिसंबर को पटना में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान शुरू हुआ। एक वीडियो क्लिप वायरल हुई जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच पर डॉ. नुसरत का हिजाब हटाते हुए दिखे। इस घटना के बाद देशभर में नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना हुई और इसे संविधान व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अपमान बताया गया। पिछले 5 दिनों से डॉ. नुसरत कॉलेज नहीं गई थीं, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि वह इस अपमान से आहत होकर नौकरी छोड़ सकती हैं।