नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पिछले वर्षों में भारत के सामने आई बड़ी चुनौतियों और सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कोरोना महामारी से लेकर वैश्विक युद्ध, ऊर्जा संकट और खाद की उपलब्धता तक का उल्लेख करते हुए कहा कि मुश्किल दौर में देश को डराने और चिंता में डालने वाली कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आईं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के दौरान वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए। इसके बाद जब दुनिया युद्ध और ऊर्जा संकट से जूझ रही थी, तब पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की कमी को लेकर भी तरह-तरह की आशंकाएं जताई गईं। हालांकि, भारत ने अपनी तैयारियों और नीतियों के दम पर इन चुनौतियों का सामना किया।
कोरोना से युद्ध तक, हर संकट का किया सामना
PM मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों के दौरान देश ने कई अप्रत्याशित संकट देखे। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया की व्यवस्थाओं को प्रभावित किया। महामारी से बाहर निकलने के बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव का दौर शुरू हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में कुछ लोग देश में डर और चिंता का माहौल बनाने में लगे रहे। वैक्सीन को लेकर यह कहा गया कि लोगों को वैक्सीन नहीं मिलेगी और कोविड से बचना मुश्किल होगा। इसी तरह वैश्विक संकटों के दौरान जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी अफवाहें फैलाई गईं।
पेट्रोल, गैस और खाद को लेकर फैलाई गईं अफवाहें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल नहीं मिलने, गैस और डीजल की कमी होने तथा खाद की उपलब्धता प्रभावित होने जैसी बातें कही गईं।
उन्होंने कहा कि भारत की पहले से की गई तैयारियां ऐसे मुश्किल समय में काम आईं। सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण देश में जरूरी संसाधनों की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिली।
PM मोदी ने कहा कि आज भारत गैस, पेट्रोल और यूरिया की पर्याप्त सप्लाई के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे देश की तैयारी और आत्मनिर्भरता का परिणाम बताया।
12 साल में गैस कनेक्शन और सोलर एनर्जी में बड़ा विस्तार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले पाइप के जरिए गैस की सुविधा करीब 70 शहरों तक सीमित थी, जिसे अब 700 शहरों तक पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले पाइप वाली गैस लगभग 20 से 22 लाख घरों तक पहुंचती थी, जबकि अब यह संख्या करीब 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच गई है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सोलर एनर्जी क्षमता पहले करीब 2 गीगावाट थी, जिसे बढ़ाकर 160 गीगावाट का लक्ष्य हासिल किया गया है। उन्होंने PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख घरों में सोलर एनर्जी अपनाए जाने को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
रेलवे विद्युतीकरण में भी तेज रफ्तार का दावा
PM मोदी ने रेलवे के विद्युतीकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में रेलवे विद्युतीकरण का काम 1925 में शुरू हुआ था, लेकिन करीब 90 वर्षों में नेटवर्क का केवल 30 फीसदी हिस्सा ही विद्युतीकृत हो पाया।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में रेलवे नेटवर्क के करीब 70 फीसदी हिस्से का विद्युतीकरण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इसे विकास की तेज रफ्तार और परिणाम देने वाली कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भरता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है, बल्कि अपनी क्षमता और संसाधनों के दम पर मजबूत बनना होगा।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देश अपने हितों और संसाधनों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाइयों और टेक्नोलॉजी जैसे संसाधनों को लेकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। ऐसे दौर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास देश को बड़े संकटों से निपटने में सक्षम बनाते हैं।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर 2047 के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि भारत लगातार इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश को और मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने होंगे।
लाल किले से अपने संबोधन में PM मोदी का संदेश साफ रहा कि वैश्विक संकटों और चुनौतियों के बीच भारत को अपनी तैयारियों, आत्मनिर्भरता और मजबूत नीतियों के जरिए आगे बढ़ना होगा।
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