देश की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई है। संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के धरने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम वंदे मातरम् विवाद से जनता का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है।
रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर वार
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने मीडिया के सामने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी अब पूरी तरह अव्यवस्था और अराजकता के रास्ते पर चल पड़ी है। उनके मुताबिक, वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस का स्टैंड पहले ही विवादों में घिर चुका है, और अब पार्टी असली मुद्दे से बचने के लिए सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने थाने के भीतर बिना अनुमति धरना देने के तरीके को भी गलत बताते हुए इसे कानून व्यवस्था के खिलाफ बताया।
थाने के बाहर धरने की वजह
दरअसल राहुल गांधी 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए युवक साहिल लोचाब को साथ लेकर थाने पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो। बताया गया है कि पीड़ित ने 14 अगस्त को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर 17 अगस्त को दोबारा शिकायत भेजनी पड़ी।
सुप्रीम कोर्ट की समिति का हवाला
रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर पहले ही पुलिस कार्रवाई हो चुकी है और सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बना दी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं करती।
अमित शाह पर राहुल गांधी का सीधा हमला
धरने के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्र पर पैलेट गन चलाना गंभीर अपराध है और पीड़ित की आंख की रोशनी खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है और वे न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शन में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल
इस धरने में प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, सलमान खुर्शीद, कुमारी शैलजा और देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सलमान खुर्शीद ने कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, राहुल गांधी धरना जारी रखेंगे। इससे पहले 29 जुलाई को भी राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग का आरोप लगाया था।
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