अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने का दावा करते हुए जांच टीम ने करीब सात हजार पन्नों की केस डायरी तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक 22 और 23 सितंबर को अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
चार्जशीट में शामिल किए गए सबूत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट में आरोपियों के बयान, घटनास्थल की जानकारी और मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत के तौर पर रखा गया है। इसके अलावा बरामद नकदी, वाहन, गहने और कुछ जरूरी दस्तावेज भी जांच का हिस्सा हैं। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान इन तमाम सबूतों को आपस में मिलाकर आरोपों को मजबूती से साबित करने पर टिका है।
शुरुआती जांच में क्या आया सामने
मामले की शुरुआती पड़ताल में जब मंदिर परिसर के कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 27 अप्रैल से 5 जून के बीच करीब 70 से ज्यादा मौकों पर चढ़ावे की रकम को इधर-उधर करने या छिपाने जैसी गतिविधियां रिकॉर्ड में कैद हुईं। जांच एजेंसी ने इन तमाम फुटेज का बारीकी से अध्ययन कर आरोपियों की भूमिका तय की है। जोन स्तर पर भी जांच के अहम बिंदुओं को दोबारा परखा जा चुका है, ताकि अदालत में पेश होने से पहले कोई कमी न रह जाए।
श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से लौटा
चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद कुछ समय के लिए विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट देखी गई थी। हालांकि मंदिर प्रशासन द्वारा उठाए गए पारदर्शिता के कदमों का असर अब दिखने लगा है और विदेशों से आने वाले भक्तों का रुझान दोबारा बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका से आए दस श्रद्धालुओं के एक समूह ने रामलला के दर्शन किए, जिसमें सात महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई तेज गति से आगे बढ़ेगी। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है, और चार्जशीट दाखिल होते ही आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।