लोहाघाट। उत्तराखंड रोडवेज इम्पलाइज यूनियन की सात सूत्रीय मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने प्रबंधन के सामने अपनी बात रखी। कर्मचारियों की मांगों को यूकेडी के जिला प्रभारी प्रहलाद सिंह मेहता, विधानसभा प्रत्याशी दरवान सिंह रजवार और कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
रोडवेज कर्मचारियों की सात प्रमुख मांगें
- संविदा, विशेष श्रेणी और कार्यशाला कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन।
- संविदा कर्मचारियों को 50, 53 और 55 प्रतिशत बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ।
- सभी निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का तत्काल भुगतान।
- एजेंसी के माध्यम से होने वाली भर्ती पर रोक और नियमित भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत।
- पत्र संख्या 308/309 दिनांक 19 जून 2026 पर शीघ्र कार्रवाई।
- बस स्टेशन परिसर में चल रहे अवैध डग्गामार वाहनों पर रोक और चालानी कार्रवाई।
- 55 से 58 प्रतिशत, 58 से 60 प्रतिशत तथा 46 से 50 प्रतिशत तक के डीए एरियर का तत्काल भुगतान।
बाइट- तरुण रावल, शाखा अध्यक्ष
नियमितीकरण और समान वेतन पर जोर
यूनियन की प्रमुख मांग है कि संविदा, विशेष श्रेणी और कार्यशाला कर्मचारियों को नियमित किया जाए। जब तक नियमितीकरण नहीं होता, तब तक इन कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों को बढ़े हुए 50, 53 और 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ देने की मांग भी की गई है।
यूनियन ने सभी निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान करने की मांग उठाई है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का तत्काल भुगतान करने की मांग भी इसमें शामिल है। एजेंसी के माध्यम से होने वाली भर्ती पर पूर्ण रोक लगाकर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की गई है।
डीए एरियर और अवैध वाहनों का मुद्दा
कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते के लंबित एरियर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। यूनियन ने 55 से 58 प्रतिशत, 58 से 60 प्रतिशत तथा 46 से 50 प्रतिशत तक के डीए एरियर का तत्काल भुगतान करने की मांग की है।
मांगपत्र में पत्र संख्या 308/309 दिनांक 19 जून 2026 पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा बस स्टेशन परिसर में चल रहे अवैध डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने और उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
यूकेडी नेताओं ने लोहाघाट डिपो की बदहाली पर उठाए सवाल
यूकेडी जिला प्रभारी प्रहलाद सिंह मेहता और विधानसभा प्रत्याशी दरवान सिंह रजवार ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोहाघाट डिपो में नई बसों की कमी के कारण पुरानी बसों के सहारे संचालन किया जा रहा है। उनके अनुसार ये बसें आए दिन बीच रास्ते में ही खराब हो जा रही हैं। उनका कहना था कि खराब हालत वाली बसों में सफर करने वाले यात्रियों के साथ चालक और परिचालकों की सुरक्षा का सवाल भी जुड़ा है।
यूकेडी नेताओं ने कहा कि डिपो का कार्यालय टीन शेड में संचालित होता है और उसकी खराब स्थिति के कारण बारिश के दौरान कर्मचारियों को परेशानी होती है। आसपास देवदार के पेड़ों से संभावित खतरे का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
सरकार और स्थानीय विधायक पर आरोप
यूकेडी नेताओं ने सरकार और स्थानीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी पर रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि चम्पावत में नए बस अड्डे और टनकपुर में आईएसबीटी निर्माण की योजनाओं के बीच लोहाघाट डिपो की मूलभूत समस्याओं का समाधान कब होगा।
आंदोलन की चेतावनी
यूकेडी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की सातों मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। यूनियन ने भी चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। ऐसे में रोडवेज कर्मचारियों की सात सूत्रीय मांगें अब केवल विभागीय मुद्दा न रहकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बहस का विषय भी बनती जा रही हैं।
रिपोर्ट: मनोज कापड़ी, लोहाघाट
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