बेंगलुरु: बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर अपनी राय रखते हुए संगठन से राजनीतिक रूप से स्वतंत्र और मुद्दों पर समान रुख बनाए रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अगर CJP अपनी विश्वसनीयता कायम रखना चाहता है, तो उसे सरकार और राजनीतिक दलों को सत्ता में होने के आधार पर नहीं, बल्कि मुद्दों के आधार पर परखना होगा।
सूर्या ने यह टिप्पणी बेंगलुरु में आयोजित India Today Karnataka Roundtable के दौरान की। चर्चा में CJP के उभार और युवाओं के बीच उसकी स्वीकार्यता का मुद्दा भी सामने आया। उनके मुताबिक, संगठन ने ऐसे समय में युवाओं की चिंताओं को सामने रखने का मंच दिया, जब सरकार से जुड़े कई मुद्दों को लेकर युवा आवाज उठा रहे थे।
CJP को करना होगा आत्ममंथन
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि यदि CJP खुद को एक स्वतंत्र और भरोसेमंद आंदोलन के तौर पर स्थापित करना चाहता है, तो उसे अपने कामकाज और मुद्दों को उठाने के तरीके पर गंभीरता से विचार करना होगा। उनका कहना था कि किसी एक राज्य या सरकार के खिलाफ सवाल उठाना और दूसरे राज्य में उसी तरह के मुद्दों को नजरअंदाज करना संगठन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर CJP महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, तो उसे पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और दूसरे राज्यों में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े समान सवाल उठाने चाहिए। उनके अनुसार, किसी मुद्दे पर रुख राजनीतिक दल या सरकार के नाम से तय नहीं होना चाहिए।
युवाओं की आवाज को बताया लोकतंत्र के लिए अच्छा
सूर्या ने CJP के आंदोलन को पूरी तरह खारिज करने के बजाय युवाओं को अपनी बात रखने का मंच मिलने को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि किसी सरकार के कुछ फैसलों से युवा असहमत हो सकते हैं और लोकतंत्र में इस तरह की असहमति स्वाभाविक है।
हालांकि, उन्होंने इस धारणा से भी असहमति जताई कि किसी मुद्दे पर युवाओं की सरकार से नाराजगी का मतलब सीधे तौर पर विपक्ष के समर्थन में बदल जाना है। सूर्या के मुताबिक, युवा मुख्य रूप से बेहतर शासन, रोजगार के अवसर, मजबूत अर्थव्यवस्था और ऐसी व्यवस्थाएं चाहते हैं जो उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप काम करें।
सत्ता के हिसाब से नहीं बदलना चाहिए रुख
तेजस्वी सूर्या की सलाह का मुख्य संदेश यही रहा कि CJP को अपनी पहचान किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध से अलग रखनी चाहिए। उनके मुताबिक, संगठन की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है जब वह सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, समान मानकों के आधार पर सवाल पूछे।
बेंगलुरु में आयोजित India Today Karnataka Roundtable में राज्य के विकास, शासन, निवेश, बुनियादी ढांचे और युवाओं की आकांक्षाओं जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित राजनीति, उद्योग, खेल और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग शामिल हुए।