सावन कांवड़ मेले के समापन के बाद धर्मनगरी हरिद्वार से सामने आई एक तस्वीर ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। हर की पौड़ी क्षेत्र में चलाए गए सफाई अभियान के दौरान चेंजिंग रूम से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें बरामद होने का दावा किया गया है। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि इन बोतलों में गंगाजल या पानी नहीं, बल्कि पेशाब भरा हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दरअसल, सावन के पवित्र महीने में आयोजित कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे। देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त यहां से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। मेले के समापन के बाद जब नगर निगम की टीमों ने हर की पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान शुरू किया तो चेंजिंग रूम के अंदर से बड़ी संख्या में खाली और भरी हुई बोतलें मिलीं।
सफाई कर्मियों का कहना है कि कई बोतलों में संदिग्ध तरल पदार्थ भरा हुआ था। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इन बोतलों की सामग्री को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावों ने मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच चला था विशाल सफाई अभियान
इस वर्ष कांवड़ मेले में करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान लगाया गया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की थी। मेले की अवधि के दौरान लगातार सफाई अभियान चलाया गया और कूड़ा निस्तारण के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, पूरे मेले के दौरान लगभग 7 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र किया गया। इनमें से करीब 2 हजार मीट्रिक टन कूड़ा केवल अंतिम दो दिनों में जमा हुआ। यह आंकड़ा मेले की विशालता और व्यवस्थाओं की चुनौती को दर्शाता है।
1000 अतिरिक्त कर्मचारी और ड्रोन से निगरानी
सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने नियमित कर्मचारियों के अलावा करीब 1000 आउटसोर्स कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की थी। कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण के लिए 80 से अधिक वाहनों को लगाया गया। इसके साथ ही पूरे अभियान की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी की गई ताकि किसी भी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
प्रशासन का दावा है कि मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए और लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन के बावजूद व्यवस्थाओं को सुचारु रखा गया।
वायरल वीडियो के बाद उठे कई सवाल
अब मेला समाप्त होने के बाद चेंजिंग रूम से मिली बोतलों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो में दिखाई गई बोतलों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फिलहाल हरिद्वार में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह धार्मिक स्थल की गरिमा और सार्वजनिक सुविधाओं के उपयोग से जुड़े गंभीर मुद्दों को सामने लाता है। वहीं प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।