By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US
Search
Technology
  • Advertise with us
  • Newsletters
  • Deal
Health
  • Advertise
Entertainment
  • Advertise
© 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Reading: परिसीमन बिल पर विपक्ष की एकजुटता से सरकार को झटका
Share
Aa
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
Aa
Search
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2023 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi > Blog > NATIONAL > परिसीमन बिल पर विपक्ष की एकजुटता से सरकार को झटका
NATIONAL

परिसीमन बिल पर विपक्ष की एकजुटता से सरकार को झटका

Ravi Kumar
Last updated: 2026/08/16 at 2:17 PM
Ravi Kumar
Share
5 Min Read
Delimitation Bill
Rahul Gandhi File Photo
SHARE

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने Delimitation Bill को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान सरकार की ओर से पेश किए गए इस विधेयक को विपक्ष की एकजुटता के चलते संसद में जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। जयराम रमेश के मुताबिक, सरकार को 17 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा, जब विधेयक मतदान में पास नहीं हो सका।

Contents
Delimitation Bill पर विपक्ष ने कैसे बनाई रणनीति?डीएमके समेत इन दलों ने नहीं दिया सरकार का साथमहिला आरक्षण पर भी विपक्ष की अलग मांग17 अप्रैल को क्या हुआ था?सरकार पर ‘नैरेटिव मैनेजमेंट’ का आरोपआगे भी जारी रह सकती है राजनीतिक लड़ाईयह भी पढ़ें- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नई स्पीड लिमिट, जानें किस समय कितनी रफ्तार

Delimitation Bill पर विपक्ष ने कैसे बनाई रणनीति?

जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, एनसीपी और डीएमके समेत कई विपक्षी दलों ने फ्लोर मैनेजमेंट में सरकार का साथ नहीं दिया। विपक्षी दलों की एकजुटता के कारण सरकार आवश्यक संख्या जुटाने में सफल नहीं हो पाई।

रमेश ने दावा किया कि सरकार को उम्मीद थी कि वह संविधान संशोधन से जुड़े इस विधेयक को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेगी, लेकिन विपक्षी दलों के समन्वित रुख ने उसकी रणनीति को झटका दिया।

उन्होंने कहा कि अब सरकार अपनी इस विफलता का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, असल स्थिति यह है कि सरकार सदन में जरूरी बहुमत जुटाने में नाकाम रही।

डीएमके समेत इन दलों ने नहीं दिया सरकार का साथ

जयराम रमेश ने बताया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ सपा, एनसीपी और डीएमके भी खड़े रहे। उन्होंने विशेष तौर पर डीएमके की भूमिका का जिक्र किया और कहा कि कुछ राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पार्टी ने फ्लोर मैनेजमेंट में विपक्ष का साथ दिया।

तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव का हवाला देते हुए रमेश ने कहा कि राज्य की मांग थी कि परिसीमन नहीं होना चाहिए। इसके अलावा लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बरकरार रखने और राज्यों के प्रतिनिधित्व में बदलाव नहीं करने की बात भी कही गई थी।

महिला आरक्षण पर भी विपक्ष की अलग मांग

Delimitation Bill से जुड़े विवाद में महिला आरक्षण भी अहम मुद्दा रहा। विपक्ष की मांग थी कि लोकसभा की मौजूदा सीटों के आधार पर ही महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिया जाए।

कांग्रेस का तर्क रहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ जोड़ने के बजाय मौजूदा लोकसभा सीटों पर ही लागू किया जाना चाहिए। जयराम रमेश ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव और कांग्रेस की मांग में इस मुद्दे पर समानता है।

17 अप्रैल को क्या हुआ था?

लोकसभा में 17 अप्रैल 2026 को परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वें संशोधन) विधेयक पर मतदान हुआ। कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया। विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े।

विधेयक को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट जरूरी थे। इस तरह सरकार आवश्यक आंकड़े से 54 वोट पीछे रह गई और विधेयक पारित नहीं हो सका।

सरकार पर ‘नैरेटिव मैनेजमेंट’ का आरोप

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि विधेयक पास नहीं होने के बाद अब वह राजनीतिक नैरेटिव को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार विपक्ष पर दोष मढ़कर अपनी असफल रणनीति को छिपाना चाहती है।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, Delimitation Bill पर सरकार की सबसे बड़ी चुनौती दो-तिहाई बहुमत जुटाना थी और विपक्षी दलों के एक साथ आने से यह संख्या पूरी नहीं हो सकी।

आगे भी जारी रह सकती है राजनीतिक लड़ाई

परिसीमन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। विपक्ष लोकसभा की मौजूदा सीटों और राज्यों के प्रतिनिधित्व में बदलाव को लेकर अपनी आपत्तियां पहले ही जाहिर कर चुका है।

वहीं, महिला आरक्षण को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं। ऐसे में Delimitation Bill आने वाले समय में संसद के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।

साफ है कि इस पूरे घटनाक्रम में विपक्ष की एकजुटता ने सरकार के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने की चुनौती को और बढ़ा दिया।

यह भी पढ़ें- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नई स्पीड लिमिट, जानें किस समय कितनी रफ्तार

You Might Also Like

जनरल धीरज सेठ नेपाल पहुंचे, मिलेगी मानद सैन्य उपाधि

8वें वेतन आयोग में ₹69,000 होगी न्यूनतम सैलरी? जानें पूरा मामला

स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत, सरकारी स्कूलों की सुविधाओं पर सवाल

IPS राहुल बंसल विवाद: UPSC इंटरव्यू में मिले थे कम नंबर, अब 1 करोड़ की घूस के आरोप

PM मोदी का लाल किले से बड़ा संदेश, अफवाहों और चुनौतियों पर साधा निशाना

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Copy Link Print
Share
Previous Article Delhi Meerut Expressway Speed Limit दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नई स्पीड लिमिट, जानें किस समय कितनी रफ्तार
Next Article 8th Pay Commission 8वें वेतन आयोग में ₹69,000 होगी न्यूनतम सैलरी? जानें पूरा मामला
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Platform

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • YouTube

Latest News

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ तीन दिवसीय नेपाल दौरे पर रवाना
जनरल धीरज सेठ नेपाल पहुंचे, मिलेगी मानद सैन्य उपाधि
NATIONAL 16/08/2026
रांची में JPSC-JSSC छात्रों का प्रदर्शन, कांग्रेस नेताओं ने सीएम हेमंत सोरेन से की मुलाकात
राहुल गांधी का संदेश लेकर सोरेन से मिले कांग्रेस नेता, जानें छात्र आंदोलन पर क्या कहा
Politics 16/08/2026
सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की चोटों और फिटनेस ट्रेनिंग पर सवाल उठाए
गावस्कर का बड़ा बयान- चोटों की जड़ ट्रेनिंग में है, जिम में नहीं
sports 16/08/2026
लखनऊ कैसरबाग चाय कैंटीन आग की घटना का सीसीटीवी दृश्य
लखनऊ कैसरबाग चाय कैंटीन आग: दुश्मनी निकालने के लिए रातोंरात जलाई पूरी दुकान, वीडियो ने खोली पोल
State 16/08/2026

Stay Connected

61k Like
102 Follow
616 Follow
5.9k Subscribe

TV7 Bharat एक हिन्दी समाचार डिजिटल टी वी चैनल है। इसका स्वामित्व कोलकाता टीवी ग्रुप नेटवर्क के पास है। TV7 Bharat भारत के सर्वाधिक देखे जाने वाले हिन्दी डिजिटल समाचार चैनलों में से एक है। TV7 Bharat का मुख्यालय नॉएडा, भारत में स्थित है।

Quick Link

  • HOME
  • ABOUT US
  • CONTACT US
  • DISCLAIMER
  • PRIVACY POLICY
  • TERMS & CONDITIONS

Top Categories

  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
    Follow US

    © 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved. Designed & Developed by WebsArt

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Lost your password?