झारखंड में हफ्तों से जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस पार्टी ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश तेज कर दी है। रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से एक संदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचाया, जिसमें छात्र-युवाओं की परेशानियों को गंभीरता से समझते हुए आंदोलन जल्द खत्म कराने की गुजारिश की गई है। यह विवाद JSSC और JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर खड़ा हुआ है, जिसके चलते रांची में लगातार धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं।
कांग्रेस बनाम भाजपा की राजनीति पर तंज
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. राजा ने कहा कि गठबंधन सरकार और कांग्रेस दोनों ही छात्रों की समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति समाधान खोजने से शुरू होती है, जबकि विपक्षी खेमे की दिलचस्पी टकराव बनाए रखने में ज्यादा नजर आती है।
90 फीसदी मांगें सुलझीं, दो मुद्दे अब भी अटके
डॉ. राजा के मुताबिक छात्रों की करीब नब्बे प्रतिशत मांगों पर काम पूरा हो चुका है। सिर्फ दो बिंदु बाकी हैं — JSSC CGL परीक्षा का मामला, जो फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, और सीबीआई जांच की मांग। उनका तर्क है कि मामला सीबीआई को सौंपने का मतलब उसे सीधे केंद्र सरकार के दायरे में ले जाना होगा, जबकि केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर पहले से ही कई सवाल उठते रहे हैं।
छात्रों से अपील- आंदोलन रहे लोकतांत्रिक
डॉ. राजा ने छात्रों के आक्रोश को जायज बताया और कहा कि धरना-प्रदर्शन उनका अधिकार है, लेकिन आंदोलन को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे में बदलने से बचाया जाना चाहिए और यह शांतिपूर्ण तरीके से ही चलना चाहिए।
पुतले जलाए, भाजपा ने भी मांगी जांच
इस बीच रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों ने सीएम हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले जलाकर विरोध जताया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल हो सके।
आगे क्या
अब सबकी नजरें इस पर हैं कि CGL मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला और सीबीआई जांच को लेकर सरकार का रुख आने वाले दिनों में क्या शक्ल लेता है, जिससे छात्र आंदोलन की दिशा तय होगी।
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