केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8th Pay Commission से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नए वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा न्यूनतम बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कर्मचारी संगठनों की ओर से न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर करीब ₹69,000 करने की मांग रखी गई है।
हालांकि, यहां यह साफ करना जरूरी है कि ₹69,000 अभी सरकार की ओर से तय की गई नई न्यूनतम सैलरी नहीं है। यह कर्मचारी संगठनों की ओर से रखी गई मांग है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
8th Pay Commission में ₹69,000 का आंकड़ा कहां से आया?
₹69,000 की चर्चा के पीछे फिटमेंट फैक्टर अहम वजह है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है।
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग में 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। इसी आधार पर ₹69,000 का आंकड़ा निकाला गया है।
₹18,000 × 3.833 = करीब ₹69,000
यानी अगर 3.833 का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार किया जाता है, तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है।
पहले वेतन आयोग में कितनी थी सैलरी?
आज केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है और ₹69,000 की मांग चर्चा में है। लेकिन देश के पहले वेतन आयोग के समय तस्वीर बिल्कुल अलग थी।
पहला केंद्रीय वेतन आयोग जनवरी 1946 में गठित हुआ था। उस समय न्यूनतम वेतन ₹55 प्रति माह तय किया गया था। इसमें ₹30 बेसिक पे और ₹25 महंगाई भत्ता शामिल था।
करीब आठ दशक में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब 8th Pay Commission से भी कर्मचारियों को वेतन में बड़े इजाफे की उम्मीद है।
हर वेतन आयोग में बढ़ती गई न्यूनतम सैलरी
केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में अलग-अलग वेतन आयोग के साथ लगातार बढ़ोतरी हुई है।
- पहला वेतन आयोग: ₹55
- दूसरा वेतन आयोग: ₹80
- तीसरा वेतन आयोग: ₹185/₹196
- चौथा वेतन आयोग: ₹750
- पांचवां वेतन आयोग: ₹2,550
- छठा वेतन आयोग: ₹7,000
- सातवां वेतन आयोग: ₹18,000
- आठवां वेतन आयोग: ₹69,000 की मांग
इस पूरी यात्रा को देखें तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
क्या 8th Pay Commission में ₹69,000 सैलरी तय हो गई?
नहीं। ₹69,000 को अभी फाइनल न्यूनतम सैलरी नहीं माना जा सकता। यह कर्मचारी संगठनों की ओर से की गई मांग है।
वेतन आयोग को कर्मचारियों और अलग-अलग संगठनों से मिलने वाले सुझावों पर विचार करना होगा। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। सरकार की मंजूरी के बाद ही नई सैलरी और पे मैट्रिक्स को लेकर अंतिम स्थिति साफ होगी।
इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हर केंद्रीय कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹69,000 हो जाएगी।
फिटमेंट फैक्टर से कितना बदलेगा वेतन?
8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दों में से एक है। इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक पे को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है।
7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 तय हुई थी।
अब कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है। अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो ₹18,000 की मौजूदा बेसिक पे करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है।
लेकिन अंतिम फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह अभी तय नहीं है।
कर्मचारियों को कब मिलेगी नई सैलरी की तस्वीर?
8th Pay Commission को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ रही हैं। हालांकि, नई बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और पे मैट्रिक्स को लेकर अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिश और सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी।
इसलिए ₹69,000 की खबर को फिलहाल मांग के तौर पर देखें, फाइनल सैलरी के तौर पर नहीं। अगर 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग स्वीकार होती है, तभी ₹69,000 के आसपास न्यूनतम बेसिक पे बनने का रास्ता साफ होगा।