एक पोस्ट से भड़का व्यापार युद्ध
अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव चल रहा है, और अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पड़ोसी देश कनाडा को भी निशाने पर ले लिया है। ट्रंप कनाडा टैरिफ का यह ताजा ऐलान उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर आई एक पोस्ट से सामने आया, जिसमें उन्होंने साफ कह दिया कि 1 जनवरी 2027 से सभी कारों, बड़े-छोटे ट्रकों, ऑटोमोटिव पार्ट्स और स्टील पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया जाएगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा वर्षों से अमेरिका को पछाड़ता आया है और उसके ऊंचे टैरिफ ने अमेरिकी किसानों की जिंदगी मुश्किल बना दी है।
“कनाडा को हमारी जरूरत है, हमें नहीं” — ट्रंप का तीखा बयान
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा 60 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने आगे कहा कि अब कनाडा के साथ किसी राज्य जैसा व्यवहार नहीं किया जाएगा, और यह देश व्यापार समेत कई मामलों में अमेरिका के लिए सबसे खराब साझेदारों में गिना जाता है। ट्रंप के मुताबिक कनाडा अपने कुल व्यापार का 95 फीसदी हिस्सा अमेरिका के साथ ही करता है, इसलिए असल जरूरत अमेरिका को नहीं बल्कि कनाडा को है।
बातचीत टूटी, कार्नी ने वार्ताकारों को वापस बुलाया
यह घोषणा ऐसे वक्त आई है जब वाशिंगटन और ओटावा के बीच लंबी व्यापार वार्ता पूरी तरह विफल हो चुकी है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की आखिरी वक्त पर पेश की गई शर्तों को अनुचित और गैर-आर्थिक करार दिया। उन्होंने बताया कि एक साल से ज्यादा चली बातचीत के बाद उन्होंने अपने वार्ताकारों को ओटावा वापस बुलाने का फैसला किया, क्योंकि अमेरिकी प्रस्ताव स्वीकार करना कनाडा के हित में नहीं था।
कनाडा भी देगा जवाब, 8 सितंबर से जवाबी टैरिफ
कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा अपने श्रमिकों, किसानों और व्यवसायों की रक्षा के लिए अमेरिका के बराबर ही जवाबी टैरिफ लगाएगा, जो 8 सितंबर से प्रभावी होने की उम्मीद है। इसकी जद में स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, लुगदी-कागज और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई अमेरिकी उत्पाद आएंगे। गौरतलब है कि अमेरिका पहले ही करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है, जिससे तनाव और गहरा गया है। ट्रंप कनाडा टैरिफ के इस ताजा फैसले से कनाडा के कुल अमेरिकी निर्यात का करीब पांच फीसदी हिस्सा सीधे प्रभावित होगा।
कार्नी का दो टूक जवाब — “पुराने रिश्तों पर नहीं लौटेंगे”
कनाडाई प्रधानमंत्री ने माना कि बातचीत के दौरान कुछ प्रगति जरूर हुई थी, लेकिन अमेरिका द्वारा आखिरी वक्त पर किए गए बदलावों ने समझौते की उम्मीद लगभग खत्म कर दी। कार्नी ने कहा कि कनाडा अपने घरेलू उद्योगों और श्रमिकों को समर्थन देने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएगा और साथ ही अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर निर्यात बाजारों में विविधता लाने पर काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिका बदल चुका है और कनाडा अब पुराने संबंधों की उम्मीद में नहीं बैठेगा। इस पूरे घटनाक्रम से सीमा से जुड़े उद्योगों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।