उत्तराखंड के रुद्रपुर से एक विवादित मामला सामने आया है। बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशुल चौक पर आयोजित एक सभा में दिए गए भाषण को लेकर पुलिस ने मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को रुद्रपुर में निकाले गए इस जुलूस के दौरान हुई सभा का एक वीडियो गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद पूरा मामला सुर्खियों में आ गया।
वीडियो में क्या दिखा
सामने आए वीडियो में रामपुर के दड़ियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब मदरसों को लेकर बात करते नजर आए। उनका कहना था कि मदरसों के बारे में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि वहां लोगों को शिक्षा दी जाती है और अत्याचार, ज्यादती या चोरी न करने की सीख दी जाती है। इसके आगे वीडियो में वे मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में परिणाम भुगतने की बात करते हुए भी दिखाई दिए। साथ ही उन्होंने वीडियो में ईदगाह की भूमि वापस किए जाने की मांग भी उठाई।
पुलिस की कार्रवाई
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मुफ्ती मुजीब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शुक्रवार देर रात पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। रामपुरा चौकी प्रभारी के अनुसार, पूछताछ के बाद मुफ्ती मुजीब को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है।
मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया
इस विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएम धामी ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह किसी मौलाना का मसला नहीं बल्कि एक ऐसी विचारधारा का मामला है जो संविधान को नहीं मानती। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और इस तरह के बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा।
इसके अलावा, रुद्रपुर में कथित तौर पर सीएम धामी को मिली एक धमकी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जिस पर नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया।
आगे की प्रक्रिया
फिलहाल मुफ्ती मुजीब पुलिस हिरासत में हैं और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच कर रही है कि भाषण के दौरान की गई टिप्पणियां किस हद तक कानूनी दायरे का उल्लंघन करती हैं। कोर्ट में पेशी के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।