Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। यूक्रेन के कीव क्षेत्र में रूसी हमले के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में 20 लोग घायल भी हुए हैं और कुछ लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
यह हमला शुक्रवार रात कीव के पश्चिम में स्थित एक गोदाम पर हुआ था। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, यहां हथियार और गोला-बारूद रखा हुआ था। हमले के बाद हुए बड़े विस्फोट और आग की वजह से आसपास के इलाकों में भी नुकसान पहुंचा। इसे 2026 में यूक्रेन पर अब तक के सबसे घातक रूसी हमलों में से एक बताया जा रहा है।
कीव के पास गोदाम पर क्यों हुआ बड़ा नुकसान?
रिपोर्टों के मुताबिक, जिस जगह पर हमला हुआ वहां ammunition और दूसरे सैन्य सामान का भंडारण किया गया था। हमले के बाद यहां जोरदार धमाके हुए और आग तेजी से फैल गई। आसपास मौजूद कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
यूक्रेन की ओर से इस बात की जांच की जा रही है कि इतने संवेदनशील सैन्य सामान को रिहायशी इलाके के करीब क्यों रखा गया था। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस मामले में लापरवाही की जांच की बात कही है।
38 लोगों की मौत, कई घायल
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में मरने वालों की संख्या 38 तक पहुंच गई है। 20 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। राहत और बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने और आग पर काबू पाने का काम किया।
चार लोगों के अभी भी लापता होने की खबर है। ऐसे में मृतकों की संख्या आगे बदल सकती है।
रूस ने कहा- यूक्रेन के हमलों का दिया जाएगा जवाब
इसी बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के खिलाफ आगे बड़े हमलों की तैयारी का संकेत दिया है। मॉस्को का कहना है कि यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा एवं लॉजिस्टिक्स ठिकानों पर ड्रोन हमले किए जा रहे हैं।
रूस ने इन्हें जवाबी कार्रवाई का आधार बताते हुए यूक्रेन के energy infrastructure पर बड़े हमलों की चेतावनी दी है। इससे आने वाले दिनों में संघर्ष और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
500 यूक्रेनी ड्रोन गिराने का रूसी दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने यह भी दावा किया है कि उसकी सेना ने रातभर में करीब 500 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए थे।
हालांकि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के सैन्य दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि करना अक्सर मुश्किल होता है। इसलिए इन आंकड़ों को संबंधित पक्षों के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ठिकानों को बनाया निशाना
रूस के मुताबिक, यूक्रेनी ड्रोन हमलों में उसके तेल और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद मॉस्को ने यूक्रेन के energy infrastructure के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है।
इसका सीधा असर यूक्रेन की बिजली व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है, खासकर अगर हमले बिजली उत्पादन और वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों तक पहुंचते हैं।
जंग में लगातार बढ़ रहा ड्रोन का इस्तेमाल
Russia Ukraine War में पिछले कुछ समय से ड्रोन हमलों की भूमिका लगातार बढ़ी है। दोनों पक्ष लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे युद्ध का असर केवल फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजधानी और दूसरे बड़े शहर भी लगातार निशाने पर आ रहे हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बताया है कि पिछले सप्ताह बड़ी संख्या में ड्रोन, मिसाइल और हवाई बम इस्तेमाल किए गए। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ी है।
अब आगे क्या होगा?
38 लोगों की मौत और रूस की नई जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बाद Russia Ukraine War में तनाव और बढ़ने के संकेत हैं। एक तरफ यूक्रेन रूसी हमलों का सामना कर रहा है, वहीं रूस यूक्रेन के ड्रोन हमलों को अपनी कार्रवाई का आधार बता रहा है।
सबसे बड़ी चिंता यूक्रेन के energy infrastructure को लेकर है। यदि रूस बड़े पैमाने पर बिजली और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाता है, तो इसका असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच जमीनी स्थिति तेजी से बदल रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रूस अपनी घोषित जवाबी कार्रवाई को किस स्तर तक ले जाता है और यूक्रेन उसका किस तरह जवाब देता है।