पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की अहम मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की यह बैठक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित SCO Summit के दौरान हुई। युद्ध जैसे हालात के बीच भारत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व की इस बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रही।
PM Modi और Pezeshkian के बीच किन मुद्दों पर बातचीत?
बैठक के दौरान भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। बातचीत में अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, फार्मा, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल रहे।
भारत और ईरान के संबंधों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग हमेशा अहम रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत का उद्देश्य मौजूदा संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बदलते वैश्विक हालात पर विचार-विमर्श करना भी माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया का तनाव बना बैठक की बड़ी वजह
PM Modi Pezeshkian Meeting ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने बिश्केक रवाना होने से पहले कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर हमला किया गया तो वह पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने क्षेत्र में अस्थिरता को सभी देशों के लिए नुकसानदायक बताया था।
रिपोर्ट के अनुसार, 30 अगस्त को अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकाने पर हमला किए जाने के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया।
SCO Summit में जुटे बड़े देशों के नेता
बिश्केक में हो रहे SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है, इस सम्मेलन को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया का संघर्ष, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दे भी इस दौरान चर्चा के केंद्र में हैं।
Armenia के PM से भी मिले नरेंद्र मोदी
ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और अर्मेनिया के बीच संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।
भारत के लिए ईरान क्यों अहम?
ईरान भारत के लिए पश्चिम एशिया का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के संबंधों में व्यापार, ऊर्जा, परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क जैसे विषयों की अहम भूमिका रही है।
मौजूदा संघर्ष के बीच क्षेत्र में स्थिरता भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया में लंबे समय तक तनाव रहने से ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्गों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
PM Modi Pezeshkian Meeting ऐसे वक्त हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के कई क्षेत्रों पर बातचीत की। हालांकि उपलब्ध जानकारी में किसी नए बड़े समझौते की घोषणा का उल्लेख नहीं है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में भारत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद को महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।