नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के बाद ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी कर दिया गया है। राजधानी में करीब डेढ़ महीने तक चले घर-घर सत्यापन अभियान के बाद सामने आई इस सूची ने लाखों मतदाताओं का ध्यान खींचा है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के करीब 1.45 करोड़ मौजूदा मतदाताओं में से लगभग 97.51 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं, जबकि करीब 47.58 लाख मतदाताओं के नाम इस ड्राफ्ट में नहीं दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी लोगों का नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से हटा दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया में ड्राफ्ट सूची के बाद दावा और आपत्ति दर्ज कराने का चरण आता है। ऐसे मतदाताओं को अपना नाम शामिल कराने का मौका दिया गया है।
47.5 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट में क्यों नहीं हैं?
दिल्ली में SIR शुरू होने के समय कुल 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। अभियान के दौरान मतदाताओं से Enumeration Forms लिए गए और उनकी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया गया।
करीब 97.51 लाख मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त और डिजिटाइज किए गए। दूसरी तरफ लगभग 47.58 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं। इन मामलों को अलग-अलग कारणों के आधार पर ASDDO श्रेणियों में रखा गया है।
ASDDO में मुख्य रूप से Absent, Shifted, Dead, Duplicate और Others जैसी श्रेणियां शामिल हैं। यानी ड्राफ्ट सूची में नाम न दिखने के पीछे केवल एक कारण नहीं है।
यही वजह है कि जिन लोगों को लगता है कि उनका नाम गलती से छूट गया है, उन्हें अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय तय समय के भीतर दावा दाखिल करना चाहिए।
दिल्ली में SIR के बाद कितने वोटर ड्राफ्ट रोल में हैं?
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में करीब 97.51 लाख मतदाताओं को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि SIR के दौरान उपलब्ध कराए गए और सत्यापित किए गए रिकॉर्ड के आधार पर बड़ी संख्या में मतदाताओं की जानकारी ड्राफ्ट सूची में पहुंची है।
अभियान 30 जून से शुरू होकर 17 अगस्त 2026 तक चला। इस दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित जानकारी और Enumeration Forms जुटाए गए।
अब प्रक्रिया का अगला चरण दावे और आपत्तियों का है।
30 सितंबर तक मिलेगा दावा दाखिल करने का मौका
अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो सबसे जरूरी तारीख 30 सितंबर 2026 है। इस अवधि में पात्र मतदाता अपना दावा पेश कर सकते हैं।
इसके लिए Form 6 और आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका नाम वास्तव में ड्राफ्ट रोल से बाहर है या फिर किसी दूसरे मतदान केंद्र/निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज है।
चुनाव अधिकारियों द्वारा प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
4 नवंबर को आएगी Final Voter List
SIR की प्रक्रिया केवल ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ खत्म नहीं होती। दावा और आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिकॉर्ड की जांच और निपटारे का चरण चलेगा।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावों और आपत्तियों से संबंधित जांच, नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक चलनी है। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इसलिए जिन लोगों का नाम फिलहाल ड्राफ्ट में नहीं है, उनके पास अभी अपनी स्थिति स्पष्ट कराने का अवसर मौजूद है।
घर बैठे कैसे चेक करें अपना नाम?
दिल्ली के मतदाता अपना नाम ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए CEO Delhi की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध वोटर सर्च और SIR से संबंधित सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नाम चेक करने के लिए आम तौर पर ये विकल्प उपलब्ध हैं:
- SIR Draft Electoral Roll 2026 PDF
- Search Your Name in SIR Draft Electoral Roll 2026
- ASDD List/Minutes of Meeting (MOM)
अगर आपको सामान्य सर्च में अपना नाम नहीं मिल रहा है, तो ASDD सूची में अपना रिकॉर्ड और संबंधित कारण भी जांचना उपयोगी हो सकता है।
नाम खोजने के लिए उपलब्ध विकल्प के अनुसार EPIC नंबर, मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करनी पड़ सकती है।
किस इलाके में सबसे ज्यादा फॉर्म डिजिटाइज हुए?
दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में Enumeration Forms के डिजिटाइजेशन की स्थिति एक जैसी नहीं रही।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में डिजिटाइजेशन दर सबसे अधिक 83.43 प्रतिशत रही। वहीं तुगलकाबाद में यह दर 52.15 प्रतिशत दर्ज की गई।
यह अंतर बताता है कि SIR के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में फॉर्म कलेक्शन और डिजिटाइजेशन की स्थिति अलग रही।
वोटरों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर आप दिल्ली के मतदाता हैं तो अभी सबसे जरूरी काम अपनी स्थिति जांचना है। केवल यह मान लेना सही नहीं होगा कि पहले वोटर लिस्ट में नाम था, इसलिए इस बार भी अपने आप मौजूद होगा।
सबसे पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम खोजें। अगर नाम नहीं मिलता है, तो ASDD रिकॉर्ड भी देखें। इसके बाद यदि आप पात्र मतदाता हैं और आपका नाम गलती से छूट गया है, तो 30 सितंबर से पहले दावा दाखिल करें।
साथ ही आवेदन से जुड़े दस्तावेजों और जानकारी को सही रखना जरूरी है, क्योंकि दावे की जांच चुनाव अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
SIR के बाद दिल्ली में बढ़े मतदान केंद्र
SIR प्रक्रिया के साथ दिल्ली की चुनावी व्यवस्था में एक और बदलाव सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राजधानी में मतदान केंद्रों की संख्या 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गई है।
वहीं मतदान केंद्रों की लोकेशन की संख्या भी 2,696 से बढ़कर 2,856 हुई है।
इसका असर आने वाले चुनावों में मतदाताओं के मतदान केंद्र और बूथ व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अपने नाम के साथ-साथ मतदान केंद्र की जानकारी भी जांचना उपयोगी रहेगा।
निष्कर्ष
दिल्ली में SIR के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट एक महत्वपूर्ण चरण है। करीब 47.58 लाख नामों का ड्राफ्ट रोल में नहीं होना निश्चित रूप से बड़ा आंकड़ा है, लेकिन इसे सीधे तौर पर इतने लोगों के वोटिंग अधिकार खत्म होने के रूप में देखना सही नहीं होगा।
ड्राफ्ट सूची के बाद दावा और आपत्ति की प्रक्रिया अभी बाकी है। पात्र मतदाताओं को 30 सितंबर तक अपना दावा दर्ज कराने का अवसर मिला है और सभी प्रक्रियाओं के बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है।
इसलिए दिल्ली के हर मतदाता के लिए सबसे जरूरी कदम है—अभी अपना नाम चेक करें और किसी गलती की स्थिति में तय समय सीमा के भीतर दावा दाखिल करें।