पुरानी बिल्डिंग पर चला बुलडोजर
जयपुर जिले के रामपुरा (कंवरपुरा) गांव में स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल की बरसों पुरानी और जर्जर इमारत को आखिरकार जमींदोज कर दिया गया है। बुधवार को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर इस असुरक्षित इमारत को गिरा दिया गया। यह वही स्कूल है, जो कुछ हफ्ते पहले एक विवाद के चलते सुर्खियों में आ गया था, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम अपने “स्कूल ठीक करो” अभियान के तहत यहां निरीक्षण के लिए पहुंची थी और इस दौरान ग्रामीणों के साथ उनकी झड़प हो गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, सितंबर 2025 में हुए एक तकनीकी सर्वेक्षण में इस भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद इसे इस्तेमाल से बाहर कर दिया गया था। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि यहां पढ़ने वाले बच्चों को पहले एक तबेले में और बाद में एक निजी घर की चारदीवारी में बिठाकर पढ़ाना पड़ रहा था।
नई बिल्डिंग के लिए फंड मंजूर, जल्द शुरू होगा निर्माण
राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, नई स्कूल इमारत के निर्माण पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए 13 अगस्त को डीएमएफटी (DMFT) फंड से 12 लाख रुपये और स्थानीय विधायक कोष से 6 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। मुख्यमंत्री की ओर से 1 सितंबर से निर्माण कार्य शुरू कराने की घोषणा के बाद मंगलवार को साइट की सफाई की गई और बुधवार को पुरानी इमारत को ध्वस्त किया गया।
स्कूल की शिक्षिका आशा ने कहा कि नई इमारत बनने से छात्रों और शिक्षकों, दोनों को राहत मिलेगी। वहीं स्थानीय निवासी जगदीश शर्मा ने बताया कि सरकार पहले ही फंड जारी कर चुकी है और जल्द ही बच्चों को नया भवन मिलने वाला है।
क्या था CJP और ग्रामीणों के बीच विवाद
21 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी की टीम इसी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी, जहां ग्रामीणों के साथ उनकी तीखी बहस और झड़प हो गई थी। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। सीजेपी ने आरोप लगाया था कि स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनकी टीम के साथ मारपीट की और वाहनों के शीशे तोड़े, जबकि ग्रामीणों ने सीजेपी टीम पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। इसी विवाद ने स्कूल की जर्जर हालत और सुरक्षित भवन की जरूरत के मुद्दे को व्यापक तौर पर सामने ला दिया।
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह वही स्कूल है, जो पहले भैंसों के बाड़े जैसी जगह से चलाया जाता था, लेकिन अब वहां निर्माण कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान उनकी टीम पर पथराव हुआ और महिलाओं के साथ मारपीट की गई, लेकिन बच्चों को अच्छा स्कूल मिलने से वह सब सार्थक हो जाएगा।
आगे क्या
फिलहाल पुरानी इमारत पूरी तरह ध्वस्त की जा चुकी है और साइट पर नए भवन के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि तय बजट और समयसीमा के भीतर बच्चों को एक सुरक्षित और आधुनिक स्कूल भवन उपलब्ध कराया जाएगा।