By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US
Search
Technology
  • Advertise with us
  • Newsletters
  • Deal
Health
  • Advertise
Entertainment
  • Advertise
© 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Reading: नेपाल ने भारत समेत 3 देशों से क्यों मांगा बाढ़ का मुआवजा? UN में मुद्दा उठाएंगे बालेन शाह
Share
Aa
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
Aa
Search
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2023 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi > Blog > International > नेपाल ने भारत समेत 3 देशों से क्यों मांगा बाढ़ का मुआवजा? UN में मुद्दा उठाएंगे बालेन शाह
International

नेपाल ने भारत समेत 3 देशों से क्यों मांगा बाढ़ का मुआवजा? UN में मुद्दा उठाएंगे बालेन शाह

Ravi Kumar
Last updated: 2026/09/02 at 9:53 PM
Ravi Kumar
Share
5 Min Read
Climate Compensation
SHARE

नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ के बाद अब मामला सिर्फ राहत और बचाव तक सीमित नहीं रहा है। नेपाल सरकार ने बाढ़ से हुए भारी नुकसान के लिए भारत, चीन और अमेरिका से climate compensation की मांग उठाई है। नेपाल का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार बड़े ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक देशों के कारण कम उत्सर्जन करने वाले देशों को गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

Contents
नेपाल क्यों मांग रहा है Climate Compensation?भारत, चीन और अमेरिका को ही क्यों किया गया शामिल?बाढ़ में भारी तबाही, अरबों डॉलर का नुकसानUN में मुद्दा उठा सकते हैं बालेन शाहभारत ने नेपाल की मदद भी कीनिष्कर्ष

नेपाल क्यों मांग रहा है Climate Compensation?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, नेपाल का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन वैश्विक स्तर पर बेहद कम है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के असर से देश लगातार बाढ़, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है।

नेपाल सरकार का तर्क है कि बड़े औद्योगिक और आर्थिक देशों के ऐतिहासिक उत्सर्जन ने वैश्विक तापमान बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे में जब जलवायु संकट का असर नेपाल जैसे हिमालयी देश पर पड़ता है, तो नुकसान की भरपाई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

भारत, चीन और अमेरिका को ही क्यों किया गया शामिल?

नेपाल ने जिन तीन देशों का नाम लिया है, उनमें भारत, चीन और अमेरिका दुनिया के बड़े ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जकों में शामिल हैं। नेपाल का कहना है कि उसका अपना उत्सर्जन इन देशों की तुलना में बहुत कम है, लेकिन हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तेजी से दिखाई दे रहे हैं।

यही वजह है कि नेपाल सरकार राहत राशि को केवल मानवीय सहायता के रूप में नहीं देख रही है। उसकी मांग है कि इसे जलवायु नुकसान और क्षति (Loss and Damage) के संदर्भ में देखा जाए।

बाढ़ में भारी तबाही, अरबों डॉलर का नुकसान

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। हजारों लोग प्रभावित हुए और सड़क, पुल, बिजली तथा दूसरी महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा।

रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में करीब 4 से 5 अरब डॉलर तक खर्च आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है।

UN में मुद्दा उठा सकते हैं बालेन शाह

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह पर अब संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने और बाढ़ के बाद देश को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाने के लिए दबाव बढ़ रहा है।

सरकार और उनकी पार्टी चाहती है कि शाह UN General Assembly के मंच से जलवायु न्याय, आपदा के बाद पुनर्वास और हिमालयी क्षेत्र की सुरक्षा का मुद्दा उठाएं। यदि शाह UN जाते हैं तो भारत, चीन और अमेरिका से climate compensation की मांग भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का विषय बन सकती है।

भारत ने नेपाल की मदद भी की

दिलचस्प बात यह है कि जिस समय नेपाल की ओर से भारत से जलवायु मुआवजे की मांग सामने आई है, उसी दौरान भारत ने बाढ़ के बाद नेपाल को राहत और बचाव में मदद भी पहुंचाई।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में भारत और चीन की मदद के लिए धन्यवाद भी दिया है। भारत ने राहत सामग्री के साथ तकनीकी और बचाव सहायता भी उपलब्ध कराई।

यानी नेपाल की मौजूदा मांग तत्काल राहत सहायता से अलग है। सरकार इसे लंबे समय से बढ़ रहे जलवायु संकट और उससे होने वाले नुकसान की भरपाई के व्यापक मुद्दे के तौर पर पेश कर रही है।

निष्कर्ष

नेपाल का climate compensation मांगने का कदम जलवायु न्याय की बहस को एक बार फिर सामने ले आया है। नेपाल जैसे कम उत्सर्जन वाले देश का तर्क है कि जलवायु परिवर्तन का नुकसान उसे disproportionately झेलना पड़ रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि बालेन शाह UN General Assembly में इस मुद्दे को किस तरह उठाते हैं और भारत, चीन तथा अमेरिका इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।

You Might Also Like

BRICS Summit 2026: दिल्ली में पुतिन-मोदी की मुलाकात आज, जिनपिंग समेत कई राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे भारत

हूतियों पर हमले की कोई प्लानिंग नहीं… शुरुआती गर्मी दिखाकर पलट गया पाकिस्तान

जिनपिंग भारत दौरा: गलवान झड़प के 7 साल बाद BRICS समिट में शामिल होने आ रहे चीनी राष्ट्रपति

कनाडा में एमी विर्क के काफिले पर फायरिंग, 7 गोलियां चलीं

Sheikh Hasina: हसीना को वापस लाने पर अड़ा बांग्लादेश, भारत से फिर की मांग

TAGGED: Climate Compensation, UN General Assembly

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Copy Link Print
Share
Previous Article जयपुर रामपुरा सरकारी स्कूल की पुरानी बिल्डिंग बुलडोजर से ध्वस्त जयपुर के रामपुरा स्कूल की जर्जर इमारत ढही, अब 18 लाख की लागत से बनेगा नया भवन
Next Article Bihar Film City बिहार में बनेगी Film City, पवन सिंह की मांग पर CM का ऐलान
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Platform

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • YouTube

Latest News

AI से इंसानी दुनिया खत्म होने का खतरा
3 साल में खत्म हो सकती है इंसानी दुनिया? AI को लेकर 70% खतरे की चेतावनी
Technology 11/09/2026
सूर्यकुमार यादव और खुशी मुखर्जी से जुड़ी खबर की सांकेतिक तस्वीर
सूर्यकुमार यादव पर एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी के गंभीर आरोप, मैसेज को लेकर मचा बवाल
Entertainment 11/09/2026
इंदौर होटल ब्यूटीशियन मौत मामले की सांकेतिक तस्वीर
इंदौर होटल में ब्यूटीशियन की मौत, कारोबारी दीपक पर पुलिस की नजर
Madhya Pradesh 11/09/2026
रेवाड़ी हत्याकांड जितेंद्र - आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी देती पुलिस
रेवाड़ी हत्याकांड सुलझा: पत्नी से अफेयर के शक में दोस्त और उसके भतीजे ने की जितेंद्र की हत्या, दोनों गिरफ्तार
Haryana 11/09/2026

Stay Connected

61k Like
102 Follow
616 Follow
5.9k Subscribe

TV7 भारत एक प्रमुख हिंदी न्यूज़ सैटेलाइट चैनल है, जिसका प्रसारण नोएडा फिल्म सिटी से होता है। चैनल का प्रमुख फोकस उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित हिंदी भाषी क्षेत्रों की खबरों पर है। TV7 भारत इन राज्यों में देखे जाने वाले प्रमुख हिंदी समाचार चैनलों में अपनी पहचान बना रहा है। चैनल का स्वामित्व यश मीडिया एंड ब्रॉडकास्ट प्राइवेट लिमिटेड (Yash Media & Broadcast Pvt. Ltd.) के पास है।

Quick Link

  • HOME
  • ABOUT US
  • CONTACT US
  • DISCLAIMER
  • PRIVACY POLICY
  • TERMS & CONDITIONS

Top Categories

  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
    Follow US

    © 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Lost your password?