आज पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसे कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, श्रीकृष्ण जयंती और अष्टमी रोहिणी जैसे नामों से भी जाना जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व में जन्माष्टमी 2026 चांद निकलने का समय जानना श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि मध्यरात्रि में चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
कब होगा लड्डू गोपाल का जन्म?
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में आधी रात यानी निशिता काल में रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि के दुर्लभ संयोग में हुआ था। इसी परंपरा को मानते हुए आज भी देशभर में मध्यरात्रि में बाल गोपाल का पूजन किया जाता है। पंचांग गणनाओं के अनुसार आज रात करीब 11 बजकर 29 मिनट पर चांद के दर्शन होंगे और इसी समय के आसपास लड्डू गोपाल के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा।
पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त कब?
द्रिक पंचांग के मुताबिक भगवान कृष्ण की पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसी अवधि के दौरान भक्तगण विधि-विधान से बाल गोपाल का पूजन-अर्चन कर सकते हैं।
शहरवार जानें चांद निकलने का समय
जन्माष्टमी 2026 चांद निकलने का समय हर शहर में अलग-अलग रहेगा, क्योंकि चंद्रोदय स्थान के अनुसार बदलता है। प्रमुख शहरों की सूची इस प्रकार है-
- नई दिल्ली – रात 11:25 बजे
- मथुरा-वृंदावन – रात 11:33 बजे
- लखनऊ व कानपुर – रात 11:17 बजे
- गुरुग्राम – रात 11:24 बजे
- जयपुर – रात 11:30 बजे
- कोलकाता – रात 11:00 बजे
- पटना – रात 10:52 बजे
- हैदराबाद – रात 11:22 बजे
- मुंबई – रात 11:40 बजे
- चेन्नई – रात 11:55 बजे
- अहमदाबाद – रात 12:05 बजे
- बेंगलुरु – रात 12:06 बजे
- पुणे – रात 12:10 बजे
कैसे करें जन्माष्टमी की रात पूजन?
इस दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए और दिनभर फलाहार करते हुए सात्विकता बनाए रखनी चाहिए। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण की धातु प्रतिमा को पात्र में रखकर पहले दूध, दही, शहद, शर्करा और घी से स्नान कराया जाता है। इसके बाद अर्पित की जाने वाली सामग्री शंख में डालकर भगवान को अर्पित करनी चाहिए। अंत में बाल गोपाल को झूले में झुलाकर श्रद्धापूर्वक अपनी मनोकामना कही जाती है।
जन्माष्टमी 2026 चांद निकलने का समय जानकर श्रद्धालु समय रहते अपनी पूजा की तैयारी कर सकते हैं और मध्यरात्रि के शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक बाल गोपाल का पूजन कर सकते हैं। इस पावन पर्व पर पूरे देश में मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है और भक्तों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है।