पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में एक MPSC अभ्यर्थी के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। महिला से फोन पर बातचीत को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि कुछ लोगों ने 28 वर्षीय प्रसाद सूर्यवंशी को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और करीब 53 मिनट के भीतर युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
आधी रात को युवक को जबरन ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, घटना गुरुवार तड़के पुणे के विश्रामबाग इलाके में हुई। प्रसाद सूर्यवंशी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। आरोप है कि एक महिला से उनके फोन पर संपर्क को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था।
बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद आरोपियों ने प्रसाद को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें एक स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर कथित तौर पर वहां से ले जाया गया। घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचते ही टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने तेजी से शुरू की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। संभावित रास्तों और वाहन की जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया। इसी कार्रवाई के दौरान युवक का पता लगाया गया और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई में अपहरण के आरोप में होटल व्यवसायी सागर रमेश बोराडे और उसके सहयोगी किशोर बालासाहेब सावंत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक मामले में दो अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
महिला से बातचीत को लेकर था विवाद
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घटना के पीछे एक महिला से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पक्ष को शक था कि प्रसाद उस महिला के साथ लगातार संपर्क में थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और कथित तौर पर अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया।
मामले को कथित प्रेम-त्रिकोण से भी जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अपहरण की पूरी योजना कैसे बनाई गई थी।
विश्रामबाग थाने में FIR दर्ज
पुलिस ने इस मामले में विश्रामबाग थाने में FIR दर्ज कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ फरार आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
इस घटना ने पुणे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले में प्रसाद सूर्यवंशी को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया है और उनकी हालत को लेकर किसी गंभीर नुकसान की बात सामने नहीं आई है।