नई दिल्ली: दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले ने महिला सुरक्षा और पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में चार संदिग्धों को पकड़े जाने की बात सामने आई है, जिनमें तीन नाबालिग बताए गए हैं। इसी मामले को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
क्या है दिल्ली का पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, किशोरी का शव 13 सितंबर को बाहरी उत्तर दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड के पास एक खेत से बरामद किया गया था। शव काफी खराब हालत में मिला था, जिसके कारण शुरुआत में उसकी पहचान तक करना मुश्किल रहा। बाद की जांच और मेडिकल परीक्षण के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म और हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले में POCSO एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं।
जांच में सामने आया कि किशोरी आरोपियों में शामिल कुछ लोगों को जानती थी। पुलिस के अनुसार, वह आरोपियों के साथ एक टेंपो में गई थी। इसके बाद उसके साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की गई और उसकी हत्या कर शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस अभी घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
50 से ज्यादा CCTV कैमरों से मिला सुराग
मामले में शुरुआती चुनौती यह थी कि घटनास्थल से आरोपियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीमों ने आसपास के इलाकों और आने-जाने वाले रास्तों पर लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध टेंपो दिखाई दिया। अंधेरा होने के कारण उसका रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट नहीं था, इसलिए जांचकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों की CCTV फुटेज को जोड़कर उसके रूट का पता लगाया। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध टेंपो तक पहुंच बनाई और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी।
चार संदिग्ध पकड़े गए, तीन नाबालिग
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामले में चार लोगों को पकड़ा गया है। इनमें तीन किशोर हैं, जबकि एक आरोपी वयस्क है। पुलिस ने जांच के दौरान दो चाकू, कथित तौर पर आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े और संबंधित टेंपो बरामद किए हैं।
पुलिस अब बरामद सामान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि घटना के दौरान किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और घटनाक्रम किस क्रम में हुआ।
प्रियंका गांधी ने महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने 19 सितंबर को महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में नाबालिग लड़की के साथ हुई कथित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में दिल्ली में हाल में सामने आए एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म के मामले का भी उल्लेख किया और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल किया। उनका बयान मुख्य रूप से महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल और अपराधों पर जवाबदेही से जुड़ा था।
NCW ने दिल्ली पुलिस से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर मामले की समयबद्ध जांच, प्रभावी कानूनी कार्रवाई और फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने को कहा है।
आयोग ने पुलिस से अब तक की कार्रवाई और मामले में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर देने को कहा है। NCW ने जांच के दौरान साक्ष्यों की सुरक्षा और मामले की कानूनी पैरवी पर भी जोर दिया है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाने और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि करने में लगी है। CCTV फुटेज, बरामद सामान और फोरेंसिक जांच के परिणाम केस की आगे की दिशा तय करने में अहम होंगे।
वहीं, NCW की ओर से सात दिन में मांगी गई रिपोर्ट के बाद मामले में अब तक हुई पुलिस कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सामने आने की उम्मीद है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, आरोपियों से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम के अंतिम निष्कर्ष को जांच के आधिकारिक परिणामों के आधार पर ही देखा जाएगा।