गुरुग्राम से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां गुरुग्राम दुपट्टा बाइक हादसा में एक 35 वर्षीय महिला की जान चली गई। यह घटना साइबर सिटी के खेड़कीदौला थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मृतका की पहचान खेड़कीमाजरा गांव निवासी रितु रानी के रूप में हुई है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रितु रानी अपने पति रवि कुमार के कंधे की चोट का इलाज कराने के लिए मानेसर स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंची थीं। डॉक्टर से जांच कराने के बाद पति किसी निजी काम से निकल गए, जबकि रितु को अकेले घर लौटना था। घर वापसी के लिए उन्होंने ऐप के जरिए बाइक टैक्सी बुक की और सफर पर निकल पड़ीं।
सेक्टर-86 के पास बिगड़ा संतुलन
सेक्टर-86 स्थित सती चौक के करीब पहुंचते ही रितु का दुपट्टा चलती बाइक के पिछले पहिए में उलझ गया। पहिए में फंसते ही दुपट्टा तेजी से खिंचा, जिससे उनका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह सड़क पर जा गिरीं। गिरने के दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। बाइक चालक ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और मौके पर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने उन्हें आनन-फानन में नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया।
हालत गंभीर, दिल्ली रेफर किया गया
सिर की चोट को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने रितु को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। कुछ समय जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार रितु ने दम तोड़ दिया। घर लौटने के लिए शुरू हुआ यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही खेड़कीदौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के वक्त की पूरी परिस्थिति क्या थी और इसमें किसी लापरवाही की गुंजाइश तो नहीं थी।
दोपहिया सफर करने वाली महिलाओं के लिए सबक
इस गुरुग्राम दुपट्टा बाइक हादसा ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि बाइक या स्कूटी पर सफर करते समय दुपट्टा, स्टोल या ढीले कपड़े कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। जरा सी लापरवाही से कपड़ा पहिए या चेन में फंसकर जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का सुझाव है कि दोपहिया वाहन पर बैठते समय दुपट्टे को अच्छी तरह बांधकर या शरीर से चिपकाकर रखना चाहिए, ताकि वह हवा में लहराकर पहिए तक न पहुंचे।
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक इस तरह के हादसों को रोकने के लिए यात्रियों को खुद भी सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर तब जब बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
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