राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने देहरादून में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि देशभर के सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज से जुड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना आयोग की प्राथमिकताओं में रहेगा।
भगवत प्रसाद मकवाना को केंद्र सरकार ने 6 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने 9 सितंबर को आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनका कार्यकाल मौजूदा आयोग के शेष कार्यकाल के तहत 31 मार्च 2028 तक रहेगा।
सफाई कर्मचारियों के हितों पर काम करने की बात
देहरादून में हुए कार्यक्रम में मकवाना ने कहा कि सफाईकर्मी स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा।
उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा नेतृत्व और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार जताया। मकवाना ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आयोग सफाई कर्मचारियों के कल्याण, अधिकारों और सामाजिक-आर्थिक हितों से जुड़े विषयों पर काम करता है।
स्वच्छ भारत अभियान में सफाईकर्मियों की भूमिका का जिक्र
मकवाना ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को जमीन पर आगे बढ़ाने में सफाई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्थिति से जुड़े विषयों पर काम करने की बात कही।
उन्होंने हाथ से मैला उठाने वाले लोगों के पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, देश में करीब 58 हजार और उत्तराखंड में करीब 6 हजार लोगों को आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा 30 हजार लोगों को कौशल प्रशिक्षण और 50 लाख रुपये तक के ऋण की व्यवस्था किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
इन आंकड़ों और योजनाओं से संबंधित स्थानीय स्तर के दावों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है, इसलिए इन्हें मकवाना के बयान के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली नई जिम्मेदारी
भगवत प्रसाद मकवाना इससे पहले उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष और अध्यक्ष रह चुके हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उन्हें सामाजिक कार्यों और अनुसूचित जाति समुदायों के कल्याण एवं सशक्तीकरण से जुड़े मामलों का अनुभव है। उनके पास अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री भी है।
9 सितंबर को पदभार संभालने के दौरान भी मकवाना ने सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक कल्याण को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
अभिनंदन समारोह में धर्मपाल की भाजपा में वापसी
देहरादून में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान कांग्रेस अनुसूचित प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महामंत्री धर्मपाल के दोबारा भाजपा में शामिल होने की जानकारी भी सामने आई। कार्यक्रम में मकवाना ने उनका स्वागत किया।
मकवाना ने कहा कि धर्मपाल के भाजपा में वापस आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। यह राजनीतिक घटनाक्रम समारोह के दौरान चर्चा का एक प्रमुख विषय रहा।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद मकवाना का यह देहरादून दौरा भी उनके उत्तराखंड से जुड़ाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण रहा। अब उनके सामने देशभर में सफाई कर्मचारियों से जुड़े अधिकार, सुरक्षा, कल्याण और पुनर्वास के मुद्दों पर आयोग की भूमिका को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।
बाइट: भगवत प्रसाद मकवाना, अध्यक्ष, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग
रिपोर्ट: आकाश सिंह (देहरादून)
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