चंपावत। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सामने आया कि जिले में अलग-अलग विभागों की 79 शिकायतें अभी लंबित हैं। डीएम ने कहा कि शिकायत का सिर्फ पोर्टल पर निस्तारण दिखाना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना चाहिए।
विभागवार समीक्षा बैठक में हुई चर्चा
जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि किस विभाग में कितनी शिकायतें लंबित हैं और उनके निस्तारण की स्थिति क्या है।
आम लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस हेल्पलाइन का सहारा लेते हैं। ऐसे में इन शिकायतों की नियमित समीक्षा प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने में मदद करती है।
एल-1 और एल-2 स्तर पर लंबित हैं 79 शिकायतें
समीक्षा में सामने आया कि जिले में कुल 79 शिकायतें लंबित हैं। इनमें 69 शिकायतें एल-1 स्तर पर और 10 शिकायतें एल-2 स्तर पर लंबित हैं। एल-2 स्तर पर लंबित प्रकरणों को डीएम ने विशेष रूप से गंभीरता से लेने को कहा।
किस विभाग की कितनी शिकायतें लंबित
बैठक में विभागवार आंकड़े भी रखे गए। लंबित शिकायतों में यूपीसीएल की 9 और पुलिस विभाग की 7 शिकायतें शामिल हैं। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और वन विभाग की 6-6 शिकायतें लंबित हैं, जबकि राजस्व विभाग की 5 शिकायतें शामिल हैं।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग की 4 शिकायतें लंबित हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पर्यटन और नगर पालिका की 3-3 शिकायतें भी निस्तारण की प्रतीक्षा में हैं। अधिक शिकायतों वाले विभागों पर अब प्रशासन का विशेष ध्यान रहेगा।
बाइट – मनीष कुमार, जिलाधिकारी, चंपावत
चंपावत में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जिला कार्यालय सभागार में हुई बैठक में सामने आया कि जिले में विभिन्न विभागों की कुल 79 शिकायतें लंबित हैं। इनमें 69 शिकायतें एल-1 और 10 शिकायतें एल-2 स्तर पर लंबित हैं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायत को सिर्फ पोर्टल पर निस्तारित दिखाना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा।
जिलाधिकारी ने एल-2 स्तर के प्रकरणों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग करने और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्या का समाधान ही शिकायत निस्तारण का वास्तविक उद्देश्य है।
अधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों को प्राथमिकता के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एल-2 स्तर पर लंबित प्रकरणों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाए। साथ ही शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
समय पर निस्तारण से शिकायतकर्ताओं का प्रशासन पर भरोसा बढ़ता है। इससे सरकारी व्यवस्था के प्रति आम लोगों की धारणा भी बेहतर होती है।
पोर्टल की नियमित निगरानी पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। केवल पोर्टल पर शिकायत बंद कर देना समाधान नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तव में हल होना जरूरी है।
आमजन की समस्या का समाधान ही असली उद्देश्य
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि आमजन की समस्या का समाधान ही शिकायत निस्तारण का वास्तविक उद्देश्य है। उनके इस निर्देश से साफ है कि प्रशासन का जोर आंकड़ों से ज्यादा परिणाम पर है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग लंबित शिकायतों को कितनी तेजी से और किस गुणवत्ता के साथ निपटाते हैं।
रिपोर्ट: मनोज कापड़ी, चंपावत
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