विकासनगर। विकासनगर तहसील क्षेत्र और पूरे पछवादून में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में तहसीलदार विवेक राजौरी के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने परवल, उममैदपुर और सिंहनीवाला क्षेत्र में कथित तौर पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से विकसित किए जा रहे प्लॉट और निर्माण से जुड़े कार्यों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।
तीन इलाकों में प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक, विकासनगर तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में टीम ने परवल, उममैदपुर और सिंहनीवाला इलाके में पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बिना आवश्यक अनुमति के जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेचने और विकसित करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में राजस्व नियमों और संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
दो हफ्ते में तीन बड़ी कार्रवाई
प्रशासन का दावा है कि पिछले करीब दो सप्ताह के दौरान विकासनगर तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में तीन बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। इन अभियानों के तहत अब तक करीब 200 बीघा जमीन को अवैध कब्जे और प्लाटिंग से मुक्त कराने का दावा किया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध रूप से जमीन विकसित करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण या नियमों के विपरीत प्लाटिंग पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी जमीन को लेकर भी सख्ती
अवैध प्लाटिंग के साथ-साथ सरकारी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने पर भी प्रशासन का जोर है। प्रशासन के अनुसार, सरकारी जमीन का स्वरूप बदलने या उसे निजी उपयोग में लेने की कोशिशों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड की जांच और मौके पर सत्यापन के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, वहां संबंधित जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
माफियाओं को लेकर प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग और सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने के मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्रशासन की ओर से ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
तहसील प्रशासन का कहना है कि अवैध प्लाटिंग से न केवल राजस्व और भूमि संबंधी नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि भविष्य में जमीन खरीदने वाले लोगों के लिए भी विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से प्रशासन की ओर से ऐसे क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
विकासनगर और पछवादून क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहने की बात प्रशासन ने कही है। अधिकारियों के अनुसार, जहां भी नियमों के विपरीत प्लाटिंग या सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिलेगी, वहां जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालिया बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने एक बार फिर संकेत दिया है कि भूमि संबंधी अनियमितताओं और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में सख्ती जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
रिपोर्टर: मनीष उपाध्याय विकासनगर, देहरादून
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