देहरादून। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में खेलकूद और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की करीब 22 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पंचम बाल विधानसभा 2026 का गठन भी हुआ और बाल अधिकारों पर तैयार दो हैंडबुक का विमोचन किया गया।
खेलकूद और नवाचार में उत्कृष्ट बालिकाओं को सम्मान
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि खेलकूद और नवाचार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की करीब 22 बालिकाओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन बालिकाओं की मेहनत और प्रतिभा को पहचान देने के लिए दिया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना भी रहा कि बालिकाएं अवसर मिलने पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। ऐसे आयोजन अन्य बालिकाओं को भी अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं।
बाइट: डॉ गीता खन्ना,बाल आयोग अध्यक्ष उत्तराखंड
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि खेलकूद और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की करीब 22 बालिकाओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर “प्लान इंडिया” के सहयोग से पंचम बाल विधानसभा 2026 का भी गठन हुआ, जिसमें प्रत्येक जनपद के चयनित बाल विधायक शामिल हुए। डॉ. खन्ना ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों की समझ विकसित करना और उन्हें भावी नेतृत्व के रूप में तैयार करना है, ताकि वे समाज में बाल अधिकारों के “दूत” बनकर काम करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश भेजकर बालिकाओं और बाल विधायकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में बाल अधिकारों पर तैयार दो विशेष पुस्तिकाओं (हैंडबुक) का भी विमोचन किया गया।
पंचम बाल विधानसभा 2026 का गठन
इस अवसर पर “प्लान इंडिया” के सहयोग से पंचम बाल विधानसभा 2026 का गठन किया गया। इसमें प्रदेश के प्रत्येक जनपद से चयनित बाल विधायक शामिल हुए। बाल विधानसभा के जरिए बच्चों को अपनी बात रखने और सामाजिक मुद्दों को समझने का मंच मिलता है।
डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों की समझ विकसित करना है। उन्होंने बताया कि बच्चों को भावी नेतृत्व के रूप में तैयार करना भी इसका लक्ष्य है, ताकि वे समाज में बाल अधिकारों के “दूत” बनकर काम करें।
मुख्यमंत्री ने वीडियो संदेश से दीं शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश भेजा। अपने संदेश में उन्होंने सम्मानित बालिकाओं और बाल विधायकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री के संदेश से कार्यक्रम में मौजूद बच्चों और अभिभावकों का उत्साह बढ़ा।
बाल अधिकारों पर दो हैंडबुक का विमोचन
कार्यक्रम में बाल अधिकारों पर तैयार दो विशेष पुस्तिकाओं (हैंडबुक) का विमोचन भी किया गया। इन हैंडबुक का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और समाज को बाल अधिकारों के बारे में जागरूक करना बताया गया है। ऐसी सामग्री बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देने और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाने में उपयोगी साबित हो सकती है।
बालिका दिवस का महत्व
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर वर्ष 11 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका मकसद बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और उनके सशक्तीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी भावना के तहत उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यह आयोजन किया, जिसमें बालिकाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ बाल विधानसभा के माध्यम से बच्चों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया गया।
रिपोर्ट: आकाश, देहरादून
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