देहरादून। आशारोड़ी चेकपोस्ट और डाटकाली टनल के बीच नवनिर्मित आशारोड़ी मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता में बनी संयुक्त टीम ने दुर्घटनास्थल का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद गति नियंत्रण और सुरक्षा के लिए कई सख्त निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इसी सप्ताह सुरक्षा उपाय धरातल पर उतारे जाएंगे।
संयुक्त टीम ने किया विस्तृत स्थलीय निरीक्षण
आशारोड़ी मार्ग पर बढ़ते हादसों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायज़ा लिया। संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता में हुए इस निरीक्षण में उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी और आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला शामिल रहे।
टीम में एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और जेपीआरआई के विशेषज्ञ भी मौजूद थे। सभी विभागों के अधिकारियों ने आशारोड़ी चेकपोस्ट और डाटकाली टनल के बीच बने नए मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया। इसका मकसद हादसों की असली वजह समझना और उसके अनुसार ठोस उपाय तय करना था।
तीव्र ढलान बना हादसों की वजह
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने बताया कि हाईवे से शहर में प्रवेश करते समय मार्ग पर तीव्र ढलान है। इस ढलान के कारण चालक गति पर संतुलन नहीं बना पाते। इसका सबसे ज़्यादा असर भारी वाहनों पर पड़ रहा है, जो अनियंत्रित हो रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार इसी कारण इस हिस्से में दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इसलिए गति को नियंत्रित करने पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है।
गति नियंत्रण के लिए दिए गए निर्देश
हादसों को रोकने के लिए संयुक्त परिवहन आयुक्त ने कई निर्देश दिए हैं:
- 2 किलोमीटर के हिस्से में दो स्थानों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग लगाई जाएगी।
- 2-3 डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
- मार्ग के आसपास पेड़ों और झाड़ियों की छंटाई की जाएगी।
- स्मार्ट सिटी बोर्ड को शिफ्ट किया जाएगा।
- बड़े चेतावनी साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
24×7 निगरानी, इसी सप्ताह लागू होंगे उपाय
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार पुलिस, परिवहन, लोनिवि और एनएचएआई की टीमें 24×7 निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जांच के आधार पर इसी सप्ताह सुरक्षा उपाय धरातल पर उतारे जाएंगे। यानी निरीक्षण में सामने आई बातों पर बिना देरी कार्रवाई की तैयारी है।
एनएचएआई करा रहा सीआरआरआई सेफ्टी ऑडिट
अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई द्वारा आशारोड़ी मार्ग का सीआरआरआई सेफ्टी ऑडिट भी कराया जा रहा है। इस ऑडिट के आधार पर मार्ग की सुरक्षा से जुड़े आगे के उपायों को और मज़बूत किया जा सकेगा।
बाइट: राजीव कुमार मेहरा, संयुक्त परिवहन आयुक्त, उत्तराखंड
बाइट में संयुक्त परिवहन आयुक्त ने क्या कहा
संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा के अनुसार आशारोड़ी मार्ग पर हादसों की बड़ी वजह हाईवे से शहर की ओर आते समय मिलने वाली तीव्र ढलान है। उन्होंने बताया कि ढलान पर चालकों के लिए गति पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है, जिससे भारी वाहन बेकाबू हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए जिग-जैग बैरिकेडिंग, डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड और बड़े चेतावनी साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क हो सकें और रफ्तार पर काबू रख सकें। उनके मुताबिक मार्ग के आसपास पेड़ों-झाड़ियों की छंटाई और स्मार्ट सिटी बोर्ड शिफ्ट करने से भी सड़क साफ दिखाई देगी।
आशारोड़ी मार्ग पर बढ़ते हादसों के बाद प्रशासन की सक्रियता से उम्मीद जगी है। अधिकारियों के अनुसार इसी सप्ताह सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। अब देखना होगा कि ये कदम ढलान पर वाहनों की रफ्तार थामने में कितने कारगर साबित होते हैं।
रिपोर्ट: आकाश, देहरादून
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