नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ ने न सिर्फ वहां भारी तबाही मचाई है, बल्कि अब इसका असर सीधे भारतीय सीमा पर भी दिखने लगा है। नारायणी नदी के उफान के साथ बहकर आया मलबा, टूटे-फूटे घरेलू सामान और दुखद रूप से मानव शव अब उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले तक पहुंच रहे हैं। यह दृश्य इलाके में सिहरन पैदा करने वाला साबित हो रहा है।
महराजगंज में अब तक चार शव बरामद
नेपाल की सीमा से सटे महराजगंज जिले में नारायणी नदी से गुजरने वाले बाढ़ के पानी के साथ अब तक चार शव मिल चुके हैं। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। स्थानीय राहत-बचाव दल नदी पर लगातार निगरानी रख रहा है और जैसे ही कोई संदिग्ध वस्तु नजर आती है, टीम मौके पर पहुंचकर उसकी जांच करती है। शव मिलने की स्थिति में जरूरी कार्रवाई के बाद उसे मोर्चरी भेजा जा रहा है।
जिला प्रशासन ने इस बारे में नेपाल प्रशासन को औपचारिक सूचना भेज दी है, साथ ही पहचान से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए गए हैं। अब आगे की कार्रवाई नेपाल की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर निर्भर करेगी।
नदी के साथ बह रहा तबाही का मलबा
सिर्फ शव ही नहीं, नारायणी नदी के तेज बहाव के साथ लकड़ियां, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर और अन्य कई चीजें भी भारतीय सीमा में दाखिल हो रही हैं। यही सामान बरामद करने के लिए स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बचाव दल बार-बार लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है, बावजूद इसके कई लोग खतरे को नजरअंदाज कर पानी के करीब पहुंच जा रहे हैं।
नेपाल में अब तक 158 शव बरामद
बाढ़ की सबसे भीषण मार झेलने वाले नेपाल के नवलपरासी पूर्व जिले में अब तक स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। यहां नारायणी नदी के विभिन्न हिस्सों से अब तक 158 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से 109 शव पूरे शरीर के मिले हैं, जबकि 49 मामलों में शरीर के अलग-अलग अंग बरामद हुए हैं। मृतकों में 31 महिलाएं, 51 पुरुष, 8 बालक और 11 बालिकाएं शामिल हैं। बाकी बरामद अवशेषों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
बरामद शवों को नेपाल के विभिन्न अस्पतालों और सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है, जहां परिजनों द्वारा पहचान की कोशिश की जा रही है।
राहत-बचाव कार्य लगातार जारी
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ भारत की ओर से भी सहयोग मिल रहा है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि नदी के रास्ते आने वाली किसी भी वस्तु या शव की तुरंत पहचान की जा सके। इस बीच नेपाल में फंसे कई भारतीय श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा रहा है।
निष्कर्ष
नेपाल की यह बाढ़ त्रासदी सीमा पार तक अपना असर दिखा रही है। नारायणी नदी के जरिए भारत पहुंच रहे शव और मलबा इस आपदा की भयावहता को बयां कर रहे हैं। प्रशासन दोनों ओर से हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है, वहीं स्थानीय लोगों से भी नदी किनारे सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।