उत्तर प्रदेश एटीएस ने बिहार के पूर्णिया निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, जफर पर मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर कथित तौर पर पाकिस्तान भेजने और आतंकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में रहने का आरोप है। बिहार जफर ATS गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और कथित फंडिंग नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
एटीएस ने आरोपी को 16 अगस्त को गिरफ्तार किया था और 17 अगस्त को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक की। एजेंसी के अनुसार, जफर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से होने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।
बिहार जफर ATS गिरफ्तारी में क्या सामने आया?
यूपी एटीएस के अनुसार, मोहम्मद जफर बिहार के पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज का रहने वाला है। उसके पिता का नाम जहीर बताया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जफर ने मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा इकट्ठा किया और कथित तौर पर उस रकम को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की।
एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने किन लोगों से संपर्क किया था और पैसों के लेन-देन का पूरा नेटवर्क किस तरह काम करता था।

मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित होने का आरोप
एटीएस के मुताबिक, जफर कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को हिंसक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की कोशिश करता था।
एजेंसी अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है। बिहार जफर ATS गिरफ्तारी मामले में जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपी का कथित आतंकी नेटवर्क से संपर्क किस स्तर तक था।
पाकिस्तान भेजी गई रकम की भी जांच
यूपी एटीएस के मुताबिक, जफर पर चंदे के नाम पर जुटाई गई रकम को पाकिस्तान भेजने का आरोप है। अब जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि रकम किन माध्यमों से भेजी गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर
जांच एजेंसियों के लिए जफर की सोशल मीडिया गतिविधियां भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। एटीएस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों को कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने के लिए करता था।
फिलहाल एजेंसी उसके डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होते हैं या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
बिहार जफर ATS गिरफ्तारी के मामले में एटीएस की जांच अभी जारी है। एजेंसी आरोपी के कथित आतंकी कनेक्शन, फंडिंग और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े सबूत जुटा रही है। फिलहाल सामने आई जानकारी आरोपों और जांच एजेंसी के दावों पर आधारित है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।