रुड़की: बदलती तकनीक, बढ़ती वैश्विक कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा की नई चुनौतियों के बीच भारत के युवा इंजीनियरों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी संदर्भ में IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने छात्रों को भविष्य की दुनिया को समझने के लिए ‘DHARA’ का मंत्र दिया। उन्होंने युवाओं से तकनीकी बदलावों के साथ लगातार खुद को अपडेट करने और देश की जरूरतों के अनुरूप मजबूत तकनीक विकसित करने पर जोर दिया।
क्या है ‘DHARA’ का मतलब?
जनरल राजा सुब्रमणि ने तेजी से बदलती दुनिया को पांच प्रमुख पहलुओं से जोड़ते हुए DHARA शब्द का इस्तेमाल किया। इसमें Disruptive, Hyper-connectedness, Asymmetry, Realignment और Autonomy शामिल हैं।
उन्होंने समझाया कि तकनीकी बदलाव अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेज हैं। ऐसे में इंजीनियरों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के लिए केवल मौजूदा ज्ञान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें नई तकनीकों को सीखने, पुरानी समझ को अपडेट करने और बदलती परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने की जरूरत होगी।
ज्यादा कनेक्टिविटी के साथ बढ़ती हैं चुनौतियां
CDS ने दुनिया के बढ़ते आपसी जुड़ाव को भी भविष्य की एक महत्वपूर्ण विशेषता बताया। उन्होंने कहा कि आज कनेक्टिविटी केवल सोशल मीडिया या WhatsApp तक सीमित नहीं है। वित्तीय व्यवस्था, एयरलाइंस, ऊर्जा नेटवर्क और दूसरी महत्वपूर्ण प्रणालियां भी एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
इस आपसी निर्भरता से सुविधाएं बढ़ती हैं, लेकिन इसके साथ नई कमजोरियां भी पैदा होती हैं। किसी एक महत्वपूर्ण सिस्टम में समस्या आने पर उसका असर दूसरे जुड़े हुए सिस्टम पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भविष्य के इंजीनियरों के सामने ऐसी तकनीक और सिस्टम तैयार करने की चुनौती होगी, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूती से काम कर सकें।
तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा का बढ़ता संबंध
जनरल सुब्रमणि ने छात्रों को संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में तकनीकी क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध और मजबूत होगा। उन्होंने युवाओं को ऐसी तकनीक विकसित करने की दिशा में काम करने का संदेश दिया, जो सुरक्षित, मजबूत और आत्मनिर्भर प्रणालियों के निर्माण में मदद करे।
उनके संबोधन में बदलती परिस्थितियों के अनुसार सीखने और अनुकूलन को विशेष महत्व दिया गया। उन्होंने युवाओं को जिज्ञासु बने रहने तथा लगातार सीखने की जरूरत पर जोर दिया।
IIT रुड़की दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा पर फोकस
IIT रुड़की का 2026 दीक्षांत समारोह दो दिनों में आयोजित किया गया। संस्थान के अनुसार समारोह में कुल 2,701 छात्रों को डिग्री प्रदान की जानी थी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीक, शोध, नवाचार और उद्योग से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों की भागीदारी रही। 19 सितंबर के कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल ने दीक्षांत संबोधन दिया, जबकि जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए।
जनरल सुब्रमणि का संदेश केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने छात्रों को यह समझाने की कोशिश की कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीकी दक्षता के साथ बदलाव को समझने और उसके अनुरूप काम करने की क्षमता भी जरूरी होगी। ऐसे में IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा देश की तकनीकी और रणनीतिक जरूरतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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